चंडीगढ़। मैं आज जो कुछ भी हूं, उसके पीछे माता-पिता... विशेषकर मां की सीख, मेहनत, संस्कार और विश्वास की अहम भूमिका रही है। अपनी माता अनीता देवी के संघर्ष, त्याग और प्रेरणा को याद करते हुए भावुक हुए डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा, ‘मां ने परिवार की जिम्मेदारियों को भी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। अपने वृद्ध सास-ससुर की जिस सेवा और धैर्य के साथ उन्होंने देखभाल की, वह एक बड़ी सीख है।’
उन्होंने कहा कि उनकी मां राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग में अध्यापिका रहीं और अब सेवानिवृत्त हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने हिंदी और संस्कृत दोनों विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की जो उस समय महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। डीसी ने बताया कि बचपन से उन्होंने अपनी मां को स्कूल और घर दोनों जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाते देखा। स्कूल में उनकी मेहनत और अनुशासन के कारण छात्र उनका बेहद सम्मान करते थे।
उन्होंने कहा कि डीसी ने कहा कि उनकी मां हमेशा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहीं और आज भी नियमित रूप से सुबह-शाम सैर करती हैं। डीसी निशांत यादव ने कहा कि उनकी मां ने हमेशा उन्हें ईमानदारी, मेहनत, अनुशासन और बड़ों के सम्मान का पाठ पढ़ाया। उन्होंने हर कठिन समय में परिवार को मजबूती से संभाला और पिता का हर कदम पर साथ दिया। उनकी सफलता उनकी मां के अटूट विश्वास, मौन त्याग और निरंतर प्रोत्साहन का प्रतिबिंब है।