चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भूपिंदर गुज्जर इंटरनेशनल प्रो. रेसलर।
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चंडीगढ़। द ग्रेट खली को देखकर रेसलर बने शहर के भूपेंद्र सिंह गुज्जर का सपना ट्राइसिटी से बेहतरीन रेसलर्स को तैयार करना है। बुधवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम में पहुंचे भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शहर और आसपास के इलाकों में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें नई दिशा दिखाने की जरूरत है। इसके लिए वह युवाओं को रेसलर बनाने में मदद करना चाहते हैं ताकि वे विदेशों में भारत का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि उनके पास फंड की कमी है और वे चाहते हैं कि यूटी प्रशासन और शहर के एनजीओ इस काम में उनकी मदद करे। अकादमी के लिए कुछ जगह मिल जाए तो युवाओं को रेसलिंग के खेल से जोड़ना चाहते हैं।
मार्शल आर्ट्स से प्रोफेशनल रेसलर बनने का सफर
शहर के पास गांव पड़छ के रहने वाले भूपेंद्र ने बताया कि उन्हें बचपन से मार्शल आर्ट्स का शौक था। इसे पूरा करने के लिए उन्होंने किक बॉक्सिंग की कोचिंग ली और वर्ष 2016 में इस खेल के नेशनल चैंपियन बने। डीएवी कॉलेज-10 में पढ़ाई के दौरान उन्हें बॉडी बिल्डिंग का शौक लगा। पहले जालंधर स्थित द ग्रेट खली की अकादमी में छह महीने प्रोफेशनल रेसलर बनने की ट्रेनिंग ली। इसके बाद इसी खेल में करिअर बनाने की चाह में कनाडा चले गए। कनाडा में प्रोफेशनल रेसलिंग के नामी कोच स्कोट डीमोर और जोन ई ब्रेवो से चार साल ट्रेनिंग ली और अब इंपेक्ट रेसलिंग से जुड़कर रेसलिंग कर रहे हैं।
प्रोफेशनल रेसलिंग से भी जुड़ना चाहते हैं भूपेंद्र
भूपेंद्र ने बताया कि उन्हें इंपेक्ट रेसलिंग के तौर पर बेहतर मंच मिला है। कोच व साथी रेसलर भी बहुत सपोर्टिंग हैं। इंपेक्ट रेसलिंग में नकली फाइट्स नहीं होती और हर रेसलर जीत के लिए पूरी कोशिश करता है। वे भविष्य में प्रोफेशनल रेसलिंग से भी जुड़ना चाहते हैं। इसीलिए इंपेक्ट रेसलिंग के साथ जुड़कर ही भारत में जल्द पहलवानी पटाका नाम से कई शहरों में रेसलिंग इवेंट आयोजित किए जाएंगे। इसके मेजबान भी वह खुद रहेंगे। पहलवानी पटाका में नामी रेसलर्स के साथ युवा रेसलर्स की फाइट करवाकर उन्हें बेहतर मौके देना मकसद है।