आप किसी बैंक में लाकर लेने जा रहे हैं तो ध्यान दीजिए। सिर्फ लाकर भर लेने से आपको राहत नहीं मिल जाती। आपको एक साल में कम से कम दो बार बैंक में विजिट करना होगा और बैंक के लाकर का किराया भी नियमित रूप से देना होगा।
चंडीगढ़ में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि लाकर लेने के बाद अक्सर लोग उसपर ध्यान नहीं देते हैं। बैंक का लाकर उस स्थिति में तोड़ते हैं जब लाकर का मालिक काफी समय से उसको आपरेट नहीं करता है। हां, लाकर को तोड़ते वक्त किसी भी सूरत में कम से पांच व्यक्ति होते हैं।
ऐसे मिलता है लाकर
बैंक में बचत खाता आवश्यक
बचत खाते के साथ दो फोटो
एक स्टांप पेपर पर
दस हजार रुपये तक की एफडी
ऐसे खोलते हैं लाकर
लाकर खोलने वाले का आईडी प्रूफ देखने के बाद लाकर लेने वाले का हस्ताक्षर मिलाते हैं। उसके बाद ही लाकर की चाबी सौंपी जाती है।
कब तोड़ते हैं लाकर
लाकर को उस सूरत में तोड़ा जाता है जबकि कोई लाकर को काफी समय से आपरेट नहीं करता है। कुछ बैंक लाकर खोलने वाले से एडवांस लेते हैं तो कुछ एफडी। ऐसी स्थिति में लाकर का किराया ज्यादा हो जाता है या फिर कोई व्यक्ति वर्ष में दो बार लाकर को आपरेट नहीं करता है तो लाकर को तोड़ा जाता है।
ऐसे तोड़ते हैं लाकर
लाकर तोड़ने का सिस्टम एकदम सुरक्षित होता है। लाकर ब्रेक एकदम से नहीं किया जा सकता है। पहले लाकर आपरेट न करने वालों को एक लेटर भेजा जाता है। उसके बाद दूसरा रजिस्टर्ड लेटर। तीसरा लेटर लाकर ब्रेक करने के बारे में लिखा जाता है। लाकर ब्रेक करने में बैंक के दो सीनियर अधिकारी, एक वकील और दो अनजान व्यक्ति होते हैं। उसके बाद यदि लाकर में गोल्ड आदि है तो सुनार को भी बुलाया जाता है।