अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पति के साथ मौखिक तलाक के बाद सहमति संबंध में रह रही मुस्लिम महिला और उसके साथी को सुरक्षा देने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है। अदालत ने कहा कि भले ही कोई व्यक्ति सहमति संबंध में रह रहा हो, वह जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा का अधिकार रखता है।
41 वर्षीय आयशा बीवी ने याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि उसके पति मोहम्मद खुर्शीद ने उन्हें मुस्लिम रीति-रिवाजों के तहत मौखिक तलाक दे दिया था। इसके बाद जब उसने एक अन्य व्यक्ति के साथ रहना शुरू किया, तो उनके पूर्व पति ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। लगातार खतरे की आशंका के चलते उसने और उसके साथी ने 30 अक्टूबर को अमृतसर पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। अदालत ने अमृतसर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे दंपति की सुरक्षा संबंधी शिकायत की जांच करें, खतरे का आकलन करें और कानून के अनुसार उचित कदम उठाएं।