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मुस्लिम शिक्षक बने जनक, मुस्लिम छात्र बना सीता

Wed, 01 Oct 2014 03:46 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
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एक वो हैं जो मर जाते हैं कट जाते हैं ताज पर..., एक ये हैं जो लगा देते हैं ठोकर ताज पर...। इसका वर्णन रामचरितमानस में किया गया है। वहीं, समाज के लंबरदार समय-समय पर रामराज्य की स्थापना का दावा तो करते हैं, लेकिन सही मायने में देखा जाए तो रामराज्य की कल्पना को कलाकारों ने रामलीला के मंच पर साकार कर दिखाया है।
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हिंदू और मुस्लिम कलाकार रामलीला का मंचन कर भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। यह हो रहा है श्रीकृष्ण रामलीला ड्रामेटिक क्लब के सेक्टर-14 स्थित प्रांगण में।

यहां राजा जनक का किरदार मुस्लिम शिक्षक सलीम अली अदा कर रहे हैं तो वहीं सीता की भूमिका मुस्लिम छात्र शहबाज खान निभा रहा है।
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रामलीला में किरदार अदा करें

सलीम सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ाते हैं। पिछले दो साल से वह राजा जनक की भूमिका निभा रहे हैं। सलीम ने बताया कि वह रामलीला में पूरे किरदार को जीना चाहते हैं। क्योंकि वे स्कूल में रामायण विषय भी पढ़ाते हैं। सलीम ने बताया कि उनका बचपन से ही मन था कि रामलीला में किरदार अदा करें और यह सपना 2012 में साकार हुआ।

वहीं, सीता का किरदार शहबाज खान दूसरी बार निभा रहे हैं। पिछले कुछ सालों से शहबाज सूर्पनखा का किरदार अदा करते आ रहे हैं, लेकिन दो साल से सीता की भूमिका रामलीला में निभा रहे हैं। शहबाज बचपन से ही रामलीला में छोटे मोटे रोल निभाते आ रहे हैं। शहबाज के पिता शकील खान पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाते हैं। कलाकारों की जरूरतें पूरी करने से लेकर क्लब को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। शहबाज पिता के साथ बचपन से ही रामलीला में आ रहा है।
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