पंजाब कला भवन में जगजीत सिंह की याद में म्यूजिकल इवनिंग
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पंजाब कला भवन चंडीगढ़ की शाम गजलों के बादशाह जगजीत सिंह के नाम रही। उनकी याद में एक म्यूजिकल प्रोग्राम रखा गया। यह कार्यक्रम संगम सोसायटी ऑफ इंडियन म्यूजिक एंड आर्ट ने पंजाब कला परिषद् और डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स की ओर से करवाया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत सिटी बेस्ड गजल सिंगर व कंपोजर आरडी कैले ने जगजीत सिंह की गजल मैंडा इश्क भी तू मैंडा यार वी तू से की। उसके बाद उन्होंने जगजीत सिंह की अगली गजल लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं पेश की तो श्रोता भी उनके साथ गुनगुनाने लगे।
इसके बाद एफसीआई के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सुशील नागपाल ने जगजीत सिंह की मश्हूर गजल प्यार का पहला खत लिखने में पेश की तो पंजाब कला भवन का रंधावा ऑडिटोरियम श्रोताओं की तालियों से गूंज उठा।
इसके बाद दोनों कलाकारों ने जगजीत सिंह की कई गजलों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। कीबोर्ड पर उनके साथ हैपी, तबले पर ज्ञान चौरसिया, गिटार पर जे एस जग्गी, ढोलक पर प्रवीन राठी ने संगत की।
आरडी कैले पंजाब नैशनल बैंक मैनेजर रिटायर्ड हैं। संगीत में उनकी रुचि बचपन से ही थी। वह पिछले 20 सालों से संगीत के क्षेत्र से प्रत्यक्ष तौर पर अपना योगदान दे रहे हैं। वह खुद भी गजल कंपोज करते हैं।