बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों के सिंगर व संगीत निर्देशक बी पराक पर पिता को घर में बंधक बनाने के आरोपों को एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट में निराधार करार दिया है। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए उनके म्यूजिक डायरेक्टर पिता वीरेंद्र बच्चन की शिष्या मीनू कपूर की याचिका को खारिज कर दिया है। मीनू कपूर ने एडवोकेट प्रदीप शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि पेशे से म्यूजिक डायरेक्टर विरेंद्र बच्चन चडीगढ़ सेक्टर 20 में रहते हैं और याची उनकी शिष्या हैं।
वीरेंद्र बच्चन की चंडीगढ़ व जीरकपुर में प्रॉपर्टी है। उस प्रॉपर्टी को उनकी पत्नी और उनका बेटा हड़पना चाहते हैं। वीरेंद्र बच्चन की तबीयत काफी समय से सही नहीं है। उनके दिमाग में खून के थक्के जमने शुरू हो गए थे, जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा है। पत्नी और बेटा उनका सही तरीके से इलाज नहीं करवा रहे हैं और न ही उनको किसी से मिलने दिया जाता है। मीनू ने आरोप लगाया कि बच्चन की दवा रोककर उन्हें धीमी मौत देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बारे में बच्चन ने मई और जून में दो बार पुलिस को शिकायत भी दी थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। पुलिस घर पर आई और उनको इलाज मुहैया कराने की बात कहते हुए और रोक-टोक न लगाने की सलाह देकर चली गई। इसके बाद भी उनकी पत्नी और बेटे का रवैया नहीं बदला। याची उनका हालचाल लेती रहती थीं। इसलिए उसके खिलाफ सिविल सूट दाखिल कर उसके घर में घुसने पर पाबंदी लगाने की अपील की गई। अब वीरेंद्र बच्चन का मोबाइल भी छीन लिया गया है जिसके कारण अब वह इलाज के अभाव में धीमी मौत मर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए एसएसपी को इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे।