चंडीगढ़। याद आती है तो आए...तुम्हें एतराज है क्या...शायर राजेश आत्रेय ने जैसे ही अपनी रचना पेश की, श्रोताओं की वाहवाही के साथ तालियां बटोरी। मौका था सेक्टर-16 के गांधी स्मारक भवन में शनिवार को मुशायरा के आयोजन का। मशहूर शायर एचएस नामा की स्मृति में कार्यक्रम चंडीगढ़ वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन और गांधी स्मारक निधि की ओर से हुआ। कार्यक्रम के दौरान शहर के प्रसिद्ध शायरों ने रचना पेश कर सबका दिल जीत लिया।
तरणवीर कौर सैनी ने अपने पिता नामा की लिखी गजल पढ़कर मुशायरे का शुभारंभ हुआ। शायर कृष्ण कांत सारथी ने कुछ खलल कुछ शोर है तन्हाई में... सुनाकर समा बांध दिया। शायर राजन सुदामा ने अभी हमको सूरज उगाने बहुत हैं, चमन में परिंदे उड़ाने बहुत हैं... सुनाकर सबका मन मोह लिया। उर्मिला कौशिक सखी ने इश्क मेरा काफिए की तर्ज पर बंदिश में है, शेर कह कर मैं इसे आजाद करती हूं सखी... सुनाकर सबका दिल जीत लिया।
हिमाचल प्रदेश से आए युवा कवि कार्तिक शर्मा ने माटी के माधो से आऊंगा समझदारों में एक दिन... सुनाकर सबका मन मोह लिया। कवि सुशील हसरत नरेलवी ने अगर अहसां लगे बोझिल, उठाना मत, उठाना भी पड़े तो फिर चुका देना बताना मत.. पेश कर तालियां बटोरीं। नवीन नीर ने लगी है भीड़ दरख्तों की फिर भी साया नहीं... सुनाकर सबको आनंदित कर दिया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के अध्यक्ष एससी अग्रवाल, गांधी स्मारक निधि के सचिव, आनंद कुमार शरण, गांधी स्मारक भवन की सलाहकार रंजना गोयल, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. अवनीश मेहरा, अजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।