देश के अमर सपूत डॉ. दीवान सिंह कालेपानी के परिवार ने उनकी याद में सिसवां स्थित ढिल्लो फार्म में म्यूजियम स्थापित किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने म्यूजियम का शुभारंभ किया। उन्होंने डॉ. दीवान सिंह की यादें संजोने के लिए उनके परिवार की प्रशंसा की। साथ ही कहा कि यह म्यूजियम नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत होगा।
सीएम बादल ने म्यूजियम में चल रहे निर्माण कार्य और एक्सटेंशन के लिए 28 लाख की ग्रांट-इन-एड देने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि इसके रखरखाव के लिए सभ्याचारक मामले विभाग द्वारा हर साल पौने छह लाख रुपये देने को बजट रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश की आबादी का सिर्फ दो फीसदी होते हुए भी पंजाबियों ने मातृभूमि के लिए 80 फीसदी बलिदान दिए। अंग्रेजों के खिलाफ देश के लिए लड़ने वालों में ज्यादातर पंजाबी थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई स्मारक बनाने की योजना बनाई है। जिनमें बाबा मोतीराम मेहरा का फतेहगढ़ साहिब में, भाई जैता जी का श्री आनंदपुर साहिब में, भगवान वाल्मीकि का श्री तीर्थ अमृतसर में और गुरु रविदास का कुरालगढ़, होशियारपुर में स्मारक बनाया जाएगा।
करतारपुर में दो सौ करोड़ की लागत से जंगे-आजादी मेमोरियल बनाया जा रहा है। जिसमें देश की आजादी के लिए पंजाबियों की कुर्बानियों की दास्तान दिखाई देगी। अमृतसर में भी एक वार मेमोरियल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डॉ. दीवान सिंह के पूरे परिवार, खासकर उनके बेटे डॉ. मोहिंदर सिंह कालेपानी की सराहना की, जिन्होंने अपने पिता की विरासत को नई पीढ़ियों के लिए संजोया। डॉ. दीवान सिंह कालेपानी पोर्ट ब्लेयर जेल में जापानियों की यातनाएं सहते हुए शहीद हुए थे।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि गणतंत्र दिवस पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान डॉ. दीवान सिंह के परिवार को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. हरबंस सिंह ढिल्लों, डॉ. जीएस ढिल्लों, कैबिनेट मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर, गुरदर्शन कौर ढिल्लों, नामी शायर सुरजीत पातर, गुलजार संधू, प्रो. गुरिंदर मान भी मौजूद थे।