मुरथल कांड को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पिछले दिनों प्रदेश सरकार व पुलिस की हुई किरकिरी के बाद एसआईटी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। इसका सच जानने के लिए अब एसआईटी लड़कियों के हॉस्टलों तक पहुंच गई है। जांच टीम ने यहां एनडीआरआई के महिला हॉस्टल, दून इंजीनियरिंग कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों में लड़कियों से बात की है।
मुरथल मामले में पंजाब में ट्रक चालकों और अन्य करीब 15 लोगों से बातचीत के बाद एसआईटी अब प्रदेश के महिला छात्रावासों में जाकर जांच शुरू की है। इसके तहत उन लड़कियों से बातचीत कर रही है, जो 24 फरवरी को मुरथल में हुए कथित कांड के दौरान दिल्ली की तरफ गई हुई थी या फिर दिल्ली की तरफ से वापस आते हुए जाम में फंसी थी। पिछले 15 दिनों में एसआईटी करनाल, यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र के महिला हॉस्टलों में अलग-अलग लड़कियों से पूछताछ कर चुकी है। प्रारंभिक जांच में मुरथल कांड में छेड़छाड़ की बात सामने आई है, लेकिन टीम का कोई भी सदस्य मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मुरथल मामले में प्रदेश सरकार ने दोबारा से एसआईटी गठित कर आईजी ममता सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर रखा है। इसमें सोनीपत की डीएसपी भारती डबास और करनाल की डीएसपी सुरेंद्र कौर को शामिल किया गया है। एसआईटी अब तक मुरथल में घटनास्थल समेत तमाम ढाबा संचालकों से भी बात कर चुकी है। इसके अलावा, टीम की सदस्य सुरेंद्र कौर ने पिछले दिनों कई दिन तक पंजाब में डेरा डाले रखा और ट्रक चालकों समेत करीब 15 लोगों के बयान लिए। पूछताछ के दौरान चालकों ने छेड़छाड़ की बातें मानी थीं, लेकिन दुष्कर्म के बारे में उन्होंने कोई ठोस बात नहीं कही।
पुलिस के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद एसआईटी ने सोनीपत, पानीपत, रोहतक समेत अन्य जिलों में भी लड़कियों के हॉस्टलों में जाकर बातचीत की है। वहीं, करनाल की डीएसपी व एसआईटी की सदस्य सुरेंद्र कौर ने पिछले 15 दिन में यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल व कैथल के शिक्षण संस्थानों के लड़कियों के हॉस्टलों में जाकर लड़कियों के साथ बात की है। इस बारे में सुरेंद्र कौर का कहना है कि वे इस मामले में कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस बारे में आईजी ममता सिंह की कुछ बता सकती हैं।