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Punjab: कानून-व्यवस्था पर विपक्ष ने घेरा तो मंत्री बोले- 13 साल में हमारी सरकार में सबसे कम हत्या के मामले

Fri, 10 Mar 2023 01:15 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मीत हेयर ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि आप सरकार बनने के बाद प्रदेश में 13 साल में सबसे कम हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य समेत देश के कई राज्य अपराध की नर्सरी बने हैं। इसके साथ ही मीत हेयर ने होला मोहल्ला के दौरान हुई नौजवान प्रदीप सिंह की हत्या पर दुख जताया। 
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पंजाब विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पंजाब विधानसभा में गुरुवार को राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर काफी शोर-शराबा हुआ। मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने विपक्षी सदस्यों के सवालों पर अपनी सरकार का बचाव किया और राज्य पुलिस विभाग के आंकड़ों को सदन के सामने रखा। दावा किया कि पंजाब में आप सरकार के गठन के बाद हत्या की घटनाओं में कमी आई है।

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मीत हेयर ने सदन में अपनी बात रखते हुए विपक्षी सदस्यों से सवाल किया कि क्या आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने से पहले पंजाब में कोई किसी से नहीं लड़ता था? क्या पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान सूबे में कोई हत्या नहीं हुई?

मीत हेयर ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि आप सरकार बनने के बाद प्रदेश में 13 साल में सबसे कम हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य समेत देश के कई राज्य अपराध की नर्सरी बने हैं। इसके साथ ही मीत हेयर ने होला मोहल्ला के दौरान हुई नौजवान प्रदीप सिंह की हत्या पर दुख जताया। 
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उन्होंने बताया कि 2010 में पंजाब में 910 हत्याएं हुईं जबकि 2011 में 842, 2012 में 855, 2013 में 711, 2014 में 767, 2015 में 701, 2016 में 771, 2017 में 659 हत्याएं हुईं। इसके बाद 2018 में 684, 2019 में 679, 2020 में 757, 2021 में 723 और 2022 में 669 हत्या के मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से साफ है कि बीते 13 साल के दौरान पंजाब में प्रतिदिन औसतन दो हत्याएं हुईं जबकि इस साल ऐसी घटनाओं में कमी आई है।

भगवंत मान समेत पूरी सरकार का रवैया अलोकतांत्रिक: बाजवा
प्रताप सिंह बाजवा का कहना है विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत पूरी सरकार का रवैया अलोकतांत्रिक रहा है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टी का मुख्य फर्ज व जिम्मेदारी है कि वह मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों से लोगों द्वारा उठाए जा रहे सवालों के जवाब मांगे लेकिन भगवंत मान सरकार ने विरोधी पक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि स्पीकर विरोधी पार्टी के विधायकों को सदन के फ्लोर में स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से अनुमति नहीं देते हैं। कांग्रेस पार्टी या कई अन्य पार्टियों के लोगों को भी रोका जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार सिद्धू मूसेवाला की मौत के बिना तथ्यों से स्पष्टीकरण देकर सदन को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तो मूसेवाला की सुरक्षा हटाने की जानकारी सार्वजनिक करने वाले को पद से हटाकर केस दर्ज करे।

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मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष योजना के तहत मुफ्त इलाज: डॉ. बलबीर सिंह
पंजाब सरकार कैंसर पीड़ितों के इलाज को लेकर चिंतित है और उन्हें आर्थिक मदद देने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सरकार की तरफ से इस उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना चलाई जा रही है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दी।

डॉ. सिंह ने बताया कि एक साल के दौरान राज्य में कुल 2087 नए मरीज उक्त स्कीम का लाभ लेने के लिए रजिस्टर किए गए, जिन्हें कुल 26,69,50,354 रुपये की सहायता जारी की गई। उन्होंने बताया कि कैंसर रोगियों के इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए 20 सितंबर 2022 में राज्य से सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ विशेष बैठक की गई थी और इन अस्पतालों को समय पर मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए हरसंभव मदद देने की हिदायतें भी जारी की गई थी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत, पंजाब निवासी कैंसर पीड़ित को इलाज के लिए 1.50 लाख रुपये की कैशलेस मदद दी जाती है। इस योजना के तहत केवल सरकारी मुलाजिम, ईएसआई मुलाजिम और उनके आश्रित, ऐसे मरीज जिन्हें किसी तरह की मेडिकल रिइंबरसमेंट की सुविधा उपलब्ध हो या किसी बीमा कंपनी से सेहत बीमा करवाया हो, उन्हें इस योजना के तहत मदद नहीं दी जाती। इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजाब का निवासी (वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आर्म्स लाइसेंस, फोटो वाला किसान क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, मरीज की फोटो, कैंसर की तस्दीक लैबोरेटरी रिपोर्ट, स्वः घोषणा पत्र) का प्रमाण देना होगा। राज्य में मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत 9 सरकारी और 10 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। 
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