हरियाणा के 40 हजार निकाय कर्मचारी 19 और 20 अक्तूबर को दो दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। हिसार में अनुसूचित जाति के युवक की हत्या एवं प्रदेश में महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए 29 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर डीसी के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे जाएंगे।
नगरपालिका कर्मचारी संघ ने हड़ताल के बावजूद मांगें पूरी न होने पर काली दिवाली मनाने की चेतावनी दी है। संघ ने हड़ताल से पहले प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया है। प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि चार अक्तूबर को झाड़ू प्रदर्शन करेंगे। 11-12 अक्तूबर को क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। चार अक्तूबर तक प्रदेश की सभी पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम औ अग्निशमन केंद्रों पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
- पुरानी पेंशन बहाल करो
- कौशल रोजगार निगम भंग कर सभी कच्चे कर्मियों को पक्का किया जाए
- समान काम-समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करें
- अग्निशमन विभाग को दोबारा शहरी स्थानीय निकाय विभाग में शामिल किया जाए
- 1366 फायरमैन एवं ड्राइवरों को 2268 फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों पर समायोजित करें
- ठेका प्रथा बंद कर कच्चे कर्मियों को विभाग के पे रोल पर लें
- निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाई जाए
- चार हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता मिले
- कोरोना में मारे गए कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता दें
- कच्चे कर्मियों की आकस्मिक मृत्यु पर मिलने वाली राशि को तीन से बढ़ाकर 10 लाख करें
- तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट या आवासीय कॉलोनी में आसान किस्तों पर मकान दें