नगर निगम की मंगलवार को हुई हाउस की मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान अकाली-बीजेपी पार्षदों ने जहां प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दे पर विधायक बलबीर सिंह सिद्धू को घेरा, वहीं स्मार्ट डस्टबिन पर विधायक व मेयर में भी तनातनी हो गई।
कांग्रेसी पार्षदों ने भी डस्टबिन पर सवाल खड़े किए। मेयर ने कहा कि भले ही इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया जाए, लेकिन शहर की भलाई के लिए प्रस्ताव लाकर उसके लिए प्रेजेंटेशन देकर ही रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अपना पक्ष रखा। हालांकि विधायक ने बाद में कहा कि कंपनी ने जहां पहले डस्टबिन लगाए है, वहां का नगर निगम की टीम दौरा करेगी। इसके अलावा जब डस्टबिन लगाए जाएंगे तो ग्लोबल टेंडर लगाए जाएंगे। साथ ही जो टेंडर भरेगा उन कंपनियों के काम को भी परखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जैसे ही हाउस की मीटिंग शुरू हुई तो अकाली-बीजेपी पार्षद एक साथ खड़े हो गए। कहने लगे कि विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा था कि जब वह जीत जाएंगे और उनकी सरकार बनी तो प्रॉपर्टी टैक्स व रेंट टैक्स को माफ कर दिया जाएगा। इस पर वह सिद्धू से जवाब मांगने लगे। इस पर सिद्धू की दलील थी कि उन्होंने इस बार विधानसभा में उन्होंने मुद्दा उठाया था। उन्हें इस संबंध में प्रश्न लगाया हुआ था। लेकिन हाउस नहीं चल पाया। इस कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस पर अकाली बीजेपी और आजाद गुट से जीते पार्षदों ने कहा कि सिद्धू उस प्रश्न से संबंधित कापी दिखाएं या गलत बात करके वोट मांगने पर माफी मांगे। इस पर सिद्धू गुस्से में आ गए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो मैं कहता हूं, उसे करवाकर ही रहूंगा। इस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।