मोहाली। नगर निगम और गमाडा की संयुक्त कार्रवाई के खिलाफ फेज-11 में दंगा पीड़ितों सहित स्थानीय निवासी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। क्षेत्र में घरों में चल रही दुकानों के बाहर लगे शैड लोगों ने पहले ही हटा दिए थे, लेकिन अब उनके घरों में बने कमरों और दुकानों को बंद करवाने की संभावित कार्रवाई से लोग बेहद नाराज हैं। इसी विरोध के चलते वीरवार को निवासियों ने मिलकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। दंगा पीड़ितों और अन्य प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से घरों के बाहर छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते आ रहे हैं।
यही उनका मुख्य रोजगार है। दुकानें बंद होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। लोगों का आरोप है कि प्रशासन बिना विकल्प दिए कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दूसरी तरफ फेज-11 के एसएचओ अमनदीप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि वे अपनी दुकानें खोल सकते हैं। स्थिति को सामान्य बनाए रखें। उन्होंने निवासियों से धरना समाप्त करने की अपील भी की। हालांकि, लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक नगर निगम और गमाडा के बड़े अधिकारी खुद मौके पर आकर लिखित में यह भरोसा नहीं देंगे कि उनकी दुकानें बंद नहीं करवाई जाएंगी, तब तक धरना वापस नहीं लिया जाएगा।
प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय निवासी होशियार चंद सिंगला, सोनिया, रमन समेत अन्य दुकानदारों का कहना है कि वे पहले ही शेड हटाकर प्रशासन का सहयोग कर चुके हैं, ऐसे में अब दुकानों और कमरों पर कार्रवाई करना अनुचित है। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है और गरीब परिवारों की कमाई के साधन पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।