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Punjab: सीजेआई गवई के खिलाफ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई, पंजाब में कई FIR दर्ज

Wed, 08 Oct 2025 09:33 PM IST
शाहिल शर्मा पीटीआई चंडीगढ़

सार

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के खिलाफ गैरकानूनी और आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री को लेकर पंजाब पुलिस ने 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कई FIR दर्ज की हैं। 
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सीजेआई बीआर गवई - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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पंजाब पुलिस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के खिलाफ गैरकानूनी और आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री को लेकर कई जिलों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कई FIR दर्ज कीं। सोमवार को 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई गवई की कोर्टरूम में उन पर जूता फेंकने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। 
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक संबंधित वकील पिछले महीने खजुराहो में विष्णु मूर्ति की बहाली के संबंध में सुनवाई के दौरान सीजेआई की टिप्पणियों से नाखुश था। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि उच्च संवैधानिक पद पर हमले, जाति-आधारित अपमान और उकसावे, सार्वजनिक शरारत और जातिगत व सांप्रदायिक भावनाओं का अनुचित उपयोग कर शांति व सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने के इरादे से संबंधित सोशल मीडिया सामग्री को चिह्नित किया गया है और कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि संबंधित पोस्ट और वीडियो में जातिवादी और घृणा से भरे भाव शामिल हैं, जो सांप्रदायिक अशांति को बढ़ावा देने, सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने और न्यायिक संस्थानों के प्रति सम्मान को कम करने के इरादे से बनाए गए हैं। सोशल मीडिया सामग्री में सीजेआई को लक्षित करने वाली गैरकानूनी और आपत्तिजनक पोस्ट शामिल थीं।
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प्रवक्ता के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट में हिंसा भड़काने और संवैधानिक पद के प्रति सम्मान को कम करने, अनुसूचित जाति के सदस्य के खिलाफ जानबूझकर अपमान और डराने, एससी वर्ग के खिलाफ शत्रुता, घृणा और दुर्भावना को बढ़ावा देने, जाति के आधार पर समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान और सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने वाले बयान शामिल थे।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत विभिन्न पुलिस स्टेशनों में संज्ञेय अपराधों की जानकारी प्राप्त होने पर एफआईआर दर्ज की गई हैं। प्रवक्ता ने बताया कि इन एफआईआर में आगे की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। पिछले महीने सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा है, में जावरी मंदिर में सात फुट की भगवान विष्णु की मूर्ति को पुनर्निर्माण और स्थापित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
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