डेयरी फार्मिंग की बात करें तो करनाल का सबसे पुराना ब्रांड भारती डेयरी है। यह यूनिट 1950 में स्थापित हुई थी। आज क्षेत्र में भारती डेयरी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। भारत पाकिस्तान के बंटवारे के बाद भारती परिवार करनाल आया। जीवनदास भारती ने 50 किलोग्राम दूध से डेयरी की शुरुआत की। इस दूध से दही और घी बनाकर बेचा जाता रहा।
इसके बाद यह कारोबार उनके बेटे हरिचंद भारती ने संभाला। धीरे धीरे कारोबार को बढ़ाया गया। बाद में तीसरी पीढी़ ने इसी कारोबार को संभाला और लगातार आगे बढ़ाते गए। दिनेश भारती ने इस कारोबार को बेहतरी के साथ संभाला और कारोबार को विस्तृत रूप दिया। गांव मुगल माजरा में डेयरी की ओर से वर्ष 2011 में हाईटैक प्लांट लगाया और डेयरी ने अपने अन्य प्रोडक्ट भी मार्केट में उतारे।
आज डेयरी का कारोबार अकेले करनाल और हरियाणा नहीं बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी है। जम्मू कशमीर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उतरांचल, उतराखंड व राजस्थान में डेयरी के प्रोडक्ट बिकते हैं। भारती डेयरी की सफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि आज डेयरी का सालाना 25 करोड़ रुपये टर्न ओवर है। साथ ही प्रतिदिन आठ से दस हजार लीटर दूध की खपत है।
अमर उजाला से बातचीत में दिनेश भारती ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग के कारोबार में काफी संभावनाएं हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं, उनका समाधान सरकार के स्तर पर ही हो सकता है। उद्योंगो को बढ़ावा देने से ही उद्योग स्थापित होंगे। हालांकि, सरकार इस दिशा में अच्छे कदम उठा रही है।
हर कोई कर सकता है शुरुआत
भारती ने बताया कि हर काम में चुनौती और समस्याएं हैं, लेकिन जो इन पर जीत पाता है, वही विजेता होता। उन्होंने बताया कि कारोबार के इस सफर में उन्हें काफी परेशानियां का सामना करना पड़ा, लेकिन वे कभी पीछे नहीं हटे। डेयरी फार्मिंग बहुत बड़ा क्षेत्र है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि यह छोटे स्तर से भी शुरू किया जा सकता है। एक आम किसान भी इसकी शुरुआत कर सकता है। हम घर में गाय और भैंस पाल रहे हैं तो इससे ही रोजगार शुरू हो सकता है।
चौथी पीढ़ी भी आएगी इसी कारोबार में
अपने परिवार के बारे में दिनेश भारती ने बताया कि बच्चे अभी छोटे हैं और पढ़ रहे हैं। लेकिन मेरी दिली इच्छा है कि बच्चे अपने पुश्तैनी कारोबार को संभाले। हालांकि, वे इसके लिए किसी पर दबाव नहीं बनाएंगे। भारती ने कहा कि आने वाले दिनों में डेयरी फार्मिंग उद्योग और बड़े स्तर पर चलेगा। उनका लक्ष्य है कि भारती डेयरी का नाम और ऊंचा हो और इसका टर्नओवर बढ़े, इसी उद्ेश्य से वे काम कर रहे हैं।