चंडीगढ़ में बड़ी इंडस्ट्री बेशक न हो, लेकिन देशभर की इंडस्ट्री में यहां के सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) से अच्छी खासी संख्या में टूल्स सप्लाई होते हैं। यहां इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 स्थित कई इंटरप्रेन्योर इंजीनियरिंग वर्क्स से जुड़े हैं।
सिटी में रेलवे, ट्रैक्टर्स पार्ट्स, ऑटोमेटिव पार्ट्स के अलावा कई तरह के नट-बोल्ट, स्क्रू बनते हैं। इसके अलावा यहां फर्नीचर, स्टील फर्नीचर, वायर ड्राइंग्स, प्लास्टिक इंडस्ट्री, प्रिंटिंग और स्टेशनरी, फैब्रिक, एल्युमीनियम विंडो आदि का निर्माण भी होता है।
इन्हें यहां से बद्दी, गुड़गांव, मुंबई, चेन्नई, दक्षिण भारत के कई शहरों के अलावा देशभर के बड़े औद्योगिक शहरों में सप्लाई किया जाता है। सिटी में इनका सालाना ढाई से तीन हजार करोड़ का टर्न ओवर है।
चंडीगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स (सीसीसी) के पूर्व प्रेसिडेंट और एडवाइजरी बोर्ड के वर्तमान सदस्य नवीन मंगलानी के अनुसार सिटी ब्यूटीफुल में हालांकि बड़ी इकाइयां नहीं हैं, लेकिन यहां के एमएसएमई देशभर के बड़ों शहरों और बड़ी औद्योगिक इकाइयों को इंजीनियरिंग पार्ट्स सप्लाई करते हैं।
यहां के एमएसएमई रेलवे के पार्ट्स भी बनाते हैं तो ट्रैक्टर्स के भी। इनकी सप्लाई देशभर की इंडस्ट्री को होती हैं। वहीं ट्रैक्टर्स के कुछ पार्ट्स तो देश से बाहर भी भेजे जाते हैं। इसके अलावा नट-बोल्ट का निर्माण तो यहां भारी मात्रा में होता है। इसे भी देशभर में सप्लाई किया जाता है।
कनवर्टेड प्लॉट एसोसिएशन के चेयरमैन चंदर वर्मा के अनुसार, सिटी में फर्नीचर और स्टील फर्नीचर का निर्माण अच्छे लेवल पर होता है। इसके अलावा पैकेजिंग और प्रिंटिंग की इकाइयां भी यहां हैं। वहीं यहां के एमएसएमई कुछ चुनिंदा मेडिकल उपकरणों को भी बनाते हैं, जिनकी डिमांड देशभर से आती है।