हरियाणा के भिवानी में पहली सर्जिकल यूनिट लगाने वाले सिद्धस्वरूप गुप्ता ने अपने नर्सिंग होम के लिए जापान से सर्जरी के इक्यूपमेंट मंगाए। उन्हें लगा कि क्यों न अपने शहर में ही ये बनाए जाएं।
वर्ष 1970 में कुछ हजार रुपये लगा कॉगनेट नाम से काम शुरू किया गया। यह सर्जिकल प्लांट पूरे उत्तर भारत में पहला था।
लगभग 20 साल इस फील्ड में उनका एकछत्र राज रहा। वर्ष 2000 तक सर्जिकल सेक्टर में बूम आया और धड़ाधड़ यूनिटें लगी। यह संख्या 40 से ज्यादा पहुंच गई।
2005 में उन्होंने अपना बिजनेस दिल्ली शिफ्ट कर लिया और बच्चों के सुपुर्द कर दिया। इक्यूपमेंट अफ्रीकी देशों, यूरोपियन कंट्री, दुबई, हांगकांग में सप्लाई होते हैं।