नगर निगम की ओर से से 6.63 लाख खर्च कर लांच की गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म से सांसद किरण खेर का संबोधन गायब है। सोमवार को लॉन्चिंग समारोह में ही सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने इस पर आपत्ति जता दी।
इस फिल्म के लॉन्चिंग समारोह में ही सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि सांसद किरण खेर का भी मैसेज इसमें होना चाहिए था, क्योंकि सांसद निधि कोष से भी शहर के विकास पर काफी खर्चा होता है। अगर सांसद का संबोधन शामिल होता तो सिटीजन में अच्छा मैसेज जाता, यह आपत्ति सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर और कमिश्नर की मौजूदगी में दर्ज की।
इसके बाद मेयर अरुण सूद ने सीनियर डिप्टी मेयर के कान में कुछ कहा, जिसके बाद सीनियर डिप्टी मेयर शांत हुए। जबकि इस फिल्म में मेयर और प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी का भाषण (मैसेज) शामिल किया गया है।
स्मार्ट सिटी का जिक्र नहीं
पत्रकारों को डॉक्यूमेंट्री फिल्म कमेटी रूम में दिखाई गई, इसमें कई खामियां हैं। इस फिल्म में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को शामिल नहीं किया गया है। डाक्यूमेंट्री में रोड गलियां की हालत अच्छी नहीं दिखाई गई हैं। इसके अलावा फिल्म में यह बताया गया है कि मल्टीलेवल पार्किंग जल्द ही शुरू होने वाली है जबकि हकीकत में मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन हुए एक माह हो चुका है। इस कारण फिल्म की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री को यू ट्यूब पर भी अपलोड किया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि समय-समय पर फिल्म को अपडेट भी किया जाएगा।
सिर्फ चार पार्षद ही पहुंचे
लॉन्चिंग समारोह में सीनियर डिप्टी मेयर सहित सिर्फ चार पार्षद ही पहुंचे, जिनमें भाजपा पार्षद सौरभ जोशी, सतप्रकाश अग्रवाल और देसराज गुप्ता शामिल हैं। जबकि कांग्रेस, बसपा और मनोनीत में से कोई भी पार्षद नहीं आया।
पूर्व कमिश्नर ने अलाट किया था काम
पूर्व कमिश्नर भावना गर्ग ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन डॉक्यूमेंट्री बनाने का काम अलॉट किया था। मेयर अरुण सूद का कहना है कि पहले से डॉक्यूमेंट्री फिल्म लांच करने में देरी हो रही थी। उनका कहना है कि इस फिल्म में जो खामियां हैं, उसे दूर कर लिया जाएगा।
क्या शामिल है इसमें
फिल्म में शहर के प्रमुख पर्यटक स्थल शामिल किए गए हैं। डॉक्यूमेंट्री में सीवरेज डिस्पोजल सिस्टम, वाटर सप्लाई सिस्टम, स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज सिस्टम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, टर्शरी वाटर सप्लाई सिस्टम, स्ट्रीट लाइट्स, कम्युनिटी सेंटर, सैनिटेशन सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रोड्स एंड ब्रिज, मेंटेनेंस ऑफ पार्क एंड ग्रीन बेल्ट, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, पेड पार्किंग सिस्टम के प्रोजेक्टों को शामिल किया गया है। निगम कमिश्नर ने बताया कि दूसरे राज्यों से टूर पर यहां आने वाले लोगों को यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। इसके अलावा जब हमारे अधिकारी और पार्षद दूसरे राज्यों में जाएंगे तो वे इस फिल्म को वहां भी दिखा सकेंगे।
कांग्रेस सदस्य ने किया था बहिष्कार
डॉक्यूमेंट्री में शामिल तथ्यों को फाइनल करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। इसमें कांग्रेस, भाजपा और मनोनीत पार्षदों को शामिल किया गया था। कांग्रेस सदस्य सुभाष चावला के अनुसार पिछली बार जब कमेटी की बैठक हुई थी तो वह बैठक का बहिष्कार करके आ गए थे, क्योंकि डॉक्यूमेंट्री जो चीजें शामिल करने का निर्णय लिया गया, उन्हें शामिल नहीं किया गया था। चावला का कहना है कि इस फिल्म में कुछ भी खास नहीं है।