गोल्डन ब्वॉय अभिनव बिंद्रा रियो ओलंपिक के अपने अंतिम चैलेंज के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव का यह रियो ओलंपिक अंतिम माना जा रहा है। मंगलवार को वह दिल्ली जा रहे हैं और उसके दो दिन बाद वह रियो के लिए रवाना होंगे।
2016 ओलंपिक के लिए भारतीय दल के ध्वजवाहक अभिनव सोमवार को यहां पीजीआई में डॉक्टरों के कार्यक्रम में शिरकत कर आए थे। वह दस मीटर एयर राइफल स्पर्द्धा में भारतीय निशानेबाजी दल के पदक की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत में अभिनव ने कहा कि यह उनका यह पांचवां ओलंपिक होगा और वह इस चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अभिनव ने भरोसा जताया कि ओलंपिक में सब कुछ बेहतरीन होगा।
वहीं अन्य खेलों में पदक की संभावनाओं के सवाल पर 33 वर्षीय निशानेबाज ने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने रियो में क्वालीफाई किया है। उनसे भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। ध्वजवाहक बनाए जाने के सवाल पर अभिनव ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है।
पीजीआई में पौधारोपण अभिनव ने पीजीआई में सोमवार को पीजीआई खेल ग्राउंड में पौधारोपण किया और डॉक्टरों की स्लो साइक्लिंग स्पर्द्धा के अलावा स्वीमिंग पूल के रिफ्रेशमेंट सेंटर का आरंभ भी किया।
‘एक पिता और देश के लिए गर्व’ अभिनव के पिता एसएस बिंद्रा ने बेटे को ध्वजवाहक बनाए जाने पर कहा कि यह देश और एक पिता के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अभिनव का पीजीआई से लगाव रहा है। वह समय समय पर ब्लड डोनेट के कार्य में भी अहम भूमिका निभाता आया है।