चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी योजनाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को सांसद किरण खेर स्मार्ट सिटी ऑफिस पहुंचीं। सांसद ने पूरे साल में शुरू की गई योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उसके बाद बची हुई स्मार्ट सिटी की योजनाओं को भी जल्द शुरू करने को कहा। सांसद ने योजनाओं में लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
मेयर राजेश कालिया भी बैठक में शामिल हुए। मेयर ने कहा कि मेरे कार्यकाल में डंपिंग ग्राउंड को हटाने का फैसला स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने लिया है। यह मेरे कार्यकाल का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट भी है। सीईओ ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 25 प्रोजेक्ट हैं। इसमें से 15 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। 7 प्रोजेक्ट पर काम जारी है। एक प्रोजेक्ट का टेंडर देना है और 2 प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। 15 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी 166.84 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। 7 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी को 86.78 करोड़ रुपये खर्च करने हैं। एक प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये और 2 प्रोजेक्ट पर 10.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बचे हुए प्रोजेक्ट का काम तेजी से हो रहा है। ज्ञात हो कि स्मार्ट सिटी को वर्ष 2015 में 500 करोड़ रुपये मिले थे। चार साल में स्मार्ट सिटी कुछ ही फंड का उपयोग कर सकी थी। वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट का टेंडर हुआ। बैठक में स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा, एडीसी सचिन राणा आदि अधिकारी मौजूद रहे।