लुधियाना से कांग्रेस के सांसद रवनीत बिट्टू ने दिल्ली हिंसा के लिए योगेंद्र यादव को जिम्मेदार बताया है। सदन में चर्चा के दौरान बिट्टू ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव पर किसानों को भड़काने का आरोप लगाया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत बिट्टू लुधियाना के सांसद हैं। 31 अगस्त 1995 को एक आतंकी हमले में बेअंत सिंह की मौत हो गई थी। रवनीत सिंह बिट्टू पहली बार 2009 में श्री आनंदपुर साहिब से सांसद चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने लुधियाना से चुनाव लड़ा और संसद पहुंचे। 2019 में उन्होंने लुधियाना से लगातार दूसरी बार चुनाव जीता और सांसद बने थे।
बिट्टू हमेशा ही खालिस्तान के विरोध में आवाज उठाते रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ और जैजी बी को चेतावनी दी थी कि अपने गानों के द्वारा खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा न दें। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से इन दोनों के खिलाफ देशद्रोह की शिकायत करने की अपील भी की थी।
24 जनवरी को किसानों के बीच गए बिट्टू के साथ कुछ लोगों ने धक्कामुक्की की थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि जिस अर्बन नक्सलवाद की बात की जा रही है उसके जन्मदाता योगेंद्र यादव और अरविंद केजरीवाल हैं। दोनों मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर हमले की साजिश भी योगेंद्र यादव और केजरीवाल ने रची थी। इसका सबूत है कि हमले में शामिल एक व्यक्ति पट्टी में आम आदमी पार्टी का इंचार्ज है। उसकी फोटो उन्होंने फेसबुक पर दिखाई भी थी।
अब बिट्टू ने कहा है कि अगर योगेंद्र यादव को पकड़ लिया जाए तो किसानों और सरकार में आज ही बात बन सकती है क्योंकि यादव आग लगाने वाले हैं। बिट्टू ने 26 जनवरी के दिन हुई हिंसा और 24 जनवरी को उन पर हुए हमले के लिए योगेंद्र यादव को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि योगेंद्र यादव 2018 तक कृषि कानून के हक में बोलते थे। उन्होंने ये भी कहा कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी फंडिंग हो रही है। दीप सिद्धू का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कोई पंजाबी तिरंगे के अपमान के बारे में सोच नहीं सकता।