पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (पेक) में शुक्रवार को शहर की सांसद किरण खेर का गुस्सा फूट पड़ा। सांसद ने पेक में चार में से तीन प्रोजेक्ट के नींव पत्थर और उद्घाटन में नाम न होने पर स्टेज से ही अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा निकाल दिया।
यूटी के प्रशासक और पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह, पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, पेक डायरेक्टर मनोज कुमार अरोड़ा सहित बीजेपी के कई नेता भी मौजूद थे। सांसद ने कहा कि पेक अधिकारियों की ओर से नींव पत्थर पर उनका नाम नहीं लिखने और उनकी अनदेखी की शिकायत गृह मंत्रालय को करेंगी। सांसद के इस रुख के कारण माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
शुक्रवार को पेक में न्यू एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन करने के लिए प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और सांसद किरण खेर को भी आमंत्रित किया गया था। पेक प्रशासन ने कल्पना चावला गर्ल्स हॉस्टल, पेक कम्यूनिटी सेंटर और आउटडोर फूड कोर्ट (मैंगो ग्रूवस) का भी नींव पत्थर का कार्यक्रम रखा था। सांसद का नाम सिर्फ न्यू एकेडमिक ब्लॉक की पट्टिका पर लिखा था। सांसद को तीन अन्य प्रोजेक्ट पर उनके नाम की अनदेखी खली। स्टेज पर ही खेर ने पेक डायरेक्टर और रजिस्ट्रार को खरी-खरी सुनानी शुरू कर दी। खेर ने उनकी अनदेखी को लेकर वह केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करेंगी।
देव गए तो मिलने लगा मौका
यूटी के पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव की लोकप्रियता के कारण सांसद किरण खेर और यूटी प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी की अनदेखी हो रही थी। अधिकतर कार्यक्रमों में देव खुद शिरकत करते थे। देव के जाने के बाद ही किरण खेर और प्रशासक बड़े कार्यक्रमों में जाने लगे हैं।
15 करोड़ की लागत से नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन
किरण खेर, सांसद
- फोटो : file photo
पेक में इस समय करोड़ों के नए प्रोजेक्ट जारी हैं। शुक्रवार को 15 करोड़ की लागत से नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया गया। 1.83 करोड़ की लागत से कल्पना चावला गर्ल्स हॉस्टल में 37 नए कमरों का नया ब्लॉक, 52.18 लाख की लागत से गेस्ट हाउस में नए कमरे और किचन को तैयार किया जाएगा।
पेक को मिलेगा आईआईटी का दर्जा
पेक यूनिवर्सिटी को जल्द ही आईआईटी का दर्जा मिल सकता है। इस संबंध में यूटी प्रशासन की ओर से केंद्र सरकार को चिट्ठी भेजी जा चुकी है। टेक्निकल एजुकेशन सचिव केके जिंदल ने कहा कि पेक में आईआईटी के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर है। पेक डायरेक्टर ने बताया कि पंजाब असेंबली का पहला सत्र पेक में ही आयोजित किया गया था।
हरी मोहन, प्रेसिडेंट पेक इंप्लाइज यूनियन ने बताया कि सांसद ने कभी भी पेक में आकर कर्मचारियों की समस्याओं को नहीं सुना। उन्हें तो पेक के बारे में भी पूरी जानकारी भी नहीं है। सांसद द्वारा नींव पत्थर पर सिर्फ नाम के लिए हंगामा करना शर्म की बात है। पहली बार किसी स्थानीय सांसद ने खुद के नाम को लेकर ऐसा मुद्दा उठाया है।
किरण खेर, सांसद चंडीगढ़ ने बताया कि मेरे ऑफिस ने पेक प्रशासन को समय पर कार्यक्रम में शिरकत को कंफर्म कर दिया था। जब से सांसद बनी हूं, हर बार कार्यक्रमों में बुलाकर मेरी अनदेखी की जाती है। आखिर मैं कब तक चुप बैठती। स्थानीय अफसर सिर्फ अधिकारियों को खुश करने में लगे रहते हैं। मैं हमेशा ही पेक को आईटी का दर्जा दिलवाने और अन्य मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाती हूं।
प्रो. सवीना ,पब्लिक रिलेशन ऑफिसर पेक ने बताया कि पेक में मुख्य समारोह नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन था। इसमें सांसद किरण खेर का नाम प्रमुखता से शामिल था। तीन अन्य प्रोजेक्ट बहुत बड़े नहीं थे, लेकिन खेर की नाराजगी के बाद डायरेक्टर ने मामले में खेद जताया है।