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कलेक्टर रेट से जनता नाराज पर सांसद संतुष्ट, कांग्रेस पर साधा निशाना

Sat, 16 Sep 2017 09:07 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Kirron Kher - फोटो : File Photo
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कलेक्टर रेट में मामूली कटौती और कन्वर्जन फीस में 40 गुना तक बढ़ोतरी के फैसले से बेशक जनता खफा है पर सांसद किरण खेर प्रशासन के फैसले पर संतुष्ट है। खेर ने कहा कि वर्ष 1996 से लेकर अब तक चंडीगढ़ में प्रापर्टी के रेट में कई गुना इजाफा हुआ है, जाहिर है इस कारण कन्वर्जन फीस में भी बढ़ोतरी हुई है।
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सांसद ने कहा कि वर्ष 1996 में 1710 रुपये प्रति वर्ग गज कन्वर्जन फीस थी। लेकिन तब प्रापर्टी के रेट भी कम थे।  सांसद का मानना है कि चंडीगढ़ के मुकाबले पंचकूला और मोहाली में प्रापर्टी के रेट कम है। इस लिहाज से वहां प्रापर्टी के कलेक्टर रेट भी कम हैं। चंडीगढ़ में प्रापर्टी के रेट ज्यादा होने के बावजूद प्रशासन ने रेजिडेंशियल व कामर्शियल प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में कटौती की है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन के फैसले से जनता खुश है।

कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रशासन के इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल का कहना है कि लीज टु फ्री होल्ड के नाम पर शहरवासियों से करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं, खेर ने विपक्ष को जवाब देते हुआ कहा कि वर्ष 1996 से 2013 तक एक ही कन्वर्जन फीस वसूली गई। जिससे प्रशासन व सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। खेर ने कहा अगर कैग इस बारे में जांच करती है तो करोड़ों रुपये का प्रशासन को नुकसान हुआ है। प्रशासन के अफसरों ने वर्ष 2013 में यह कहकर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने पर रोक लगा दी थी कि प्रशासन इसके लिए नया रेट तय कर रहा है। सांसद ने कहा जबकि पूर्व की सरकार में कन्वर्जन फीस में हेरफेर हुई, जब यह मामला सामने आया तो कन्वर्जन फीस अधिक होने का  हवाला देेकर फाइल एमएचए को भेज दी गई।
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कन्वर्जन फीस में प्रशासन को करोड़ों का नुकसान

सीएचबी - फोटो : DEMO Pics
कलेक्टर रेट अब भी ज्यादा है, लाखों-करोड़ों रुपये कन्वर्जन फीस देकर कोई भी प्रापर्टी का मालिकाना हक नहीं लेगा। प्रशासन को चाहिए की कन्वर्जन फीस कम करे।,  कन्वर्जन फीस 2 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक नहीं होना चाहिए। पवन कुमार बंसल, पूर्व सांसद, कांग्रेस

प्रशासन से उम्मीद थी कि  प्रापर्टी में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत तक कलेक्टर  रेट कम किए जाएंगे। चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट पंचकूला और मोहाली के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत अधिक हैं। कलेक्टर रेट में कटौती की जानी चाहिए। 
-जेडी गुप्ता, चीफ लीगल एडवाइजर, प्रापर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन

रेजिडेंशियल में कम से कम 25 प्रतिशत और कामर्शियल प्रापर्टी में 50 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट कम किए जाने चाहिए। ताकि लोगों को लीज टू फ्री होल्ट के कन्वर्जन चार्ज में राहत मिल सके। अगर कलेक्टर रेट कम नहीं किए जाते हैं, तो लोगों की जेब पर कन्वर्जन चार्ज को लेकर 4 से 5 गुना तक बोझ बढ़ेगा। 
कमलजीत सिंह पंछी, प्रापर्टी कंसल्टेंट

नए कलेक्टर के रेट के मुताबिक लीज टू फ्री होल्ड के लिए लोगों को लाखों-करोड़ों रुपये कन्वर्जन फीस देनी होगी, प्रशासन को कलेक्टर रेट में कटौती करनी चाहिए। -राजीव अवस्थी, प्रापर्टी डीलर

रेजिडेंशियल में 5 और कॉमर्शियल प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में 10 प्रतिशत कटौती की गई है। लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री करने के लिए प्रशासन कलेक्टर रेट के  आधार पर लोगों से कन्वर्जन फीस ले रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का खुद मानना है कि वर्ष 1996 में कन्वर्जन फीस के मुकाबले इस बार वसूली जा रही कन्वर्जन फीस 30 से 40 गुना तक अधिक है। यानी लोगों की जेब पर कन्वर्जन फीस का 40 गुना तक बोझ बढ़ गया है। 
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