चंडीगढ़ में प्रतिदिन पंजाब और हरियाणा से 1.50 लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहनों का आवागमन होता है। भारी संख्या में बाहरी वाहनों के आने से सिटी में ट्रैफिक का बोझ अधिक बढ़ जाता है। इस समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए सांसद किरण खेर ने संसद में ट्रैफिक के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए रिंग रोड बनाए जाने का मुद्दा उठाया।
दूसरी बार सांसद बनने के बाद खेर ने पहले ही संसद सत्र में शहर की बड़ी समस्या का मुद्दा उठाया है। अपने पहले कार्यकाल में भी खेर समय-समय पर शहर के विकास से संबंधित मुद्दों को उठाती रही हैं। सत्र के दौरान खेर ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए अनुदान की मांगों पर कहा कि चंडीगढ़ के निवासियों की लंबे समय से मांग है कि एक रिंग रोड का निर्माण किया जाए ताकि शहर पर यातायात का दबाव कम हो सके।
रिंग रोड इसलिए भी जरूरी है कि हरियाणा और पंजाब आने-जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सके और यह ट्रैफिक चंडीगढ़ में प्रवेश न करे। खेर ने कहा कि पिछले साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसे मंजूर किया था और भारतमाला फेज-1 के तहत इसका निर्माण करने के लिए मंत्रालय ने मंजूरी भी दे दी थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को ट्रिब्यून चौक पर सिक्स लेन फ्लाईओवर व फोरलेन अंडरपास मंजूर करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक का दबाव होगा कम
रिंग रोड बनने के बाद खरड़ से मोहाली और फिर पंजाब के दूसरे शहरों में आसानी से पहुंचा जा सकेगा। इसके लिए चंडीगढ़ आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी मोहाली से दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक चंडीगढ़ होकर गुजरता है। रिंग रोड बनने के बाद दिल्ली जाने वाले वाहनों का दबाव सिटी में कम हो जाएगा। इससे शहरवासियों को जाम से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा।
जालंधर की ओर जाने वाला ट्रैफिक बाहर से निकल जाएगा
इसी तरह रिंग रोड बनने के बाद जालंधर की ओर से आने वाला ट्रैफिक मुल्लांपुर-बद्दी-नालागढ़ होकर हिमाचल निकल जाएगा।
मोहाली और हरियाणा से ट्रैफिक के कई रास्ते
अभी पंजाब और हरियाणा की ओर से आने वाला ट्रैफिक विभिन्न रास्तों से होकर चंडीगढ़ आता है। अकेले मोहाली की ओर से ही 9 एंट्रेंस हैं। इसी तरह से हरियाणा की ओर से भी दक्षिण मार्ग और मध्य मार्ग मुख्य एंट्रेंस हैं, जिनसे रोजाना लाखों वाहन शहर में दाखिल होते हैं। रिंग रोड बन जाने के बाद शहर में एंट्री करने वाले वाहनों की संख्या में काफी कमी आएगी।
हर महीने आ रहे हैं पांच हजार नए वाहन
चंडीगढ़ देश में सबसे अधिक घनत्व वाला शहर है। यहां की आबादी करीब 12 लाख है। वहीं, आंकड़ों के हिसाब से यहां 11 लाख से अधिक वाहन हैं। हर दो महीने में 10 हजार नंबरों की एक सीरीज पंजीकरण में खत्म हो रही है। अभी तक लगभग 12.5 लाख दो और चार पहिया वाहन चंडीगढ़ में पंजीकृत हो चुके हैं।
क्षमता से अधिक चल रहे वाहन
हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन ने फ्रांस की एक एजेंसी से सर्वे कराया था, जिसमें यह पता चला था कि मध्य, दक्षिण मार्ग, जनपथ, विद्यापथ, विज्ञानपथ जैसे सभी मुख्य मार्गों पर वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, जोकि सड़कों की क्षमता से कहीं अधिक है। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में इन सभी मार्गों पर जाम लगने लगा है। कई ट्रैफिक लाइट पर 10 से 12 मिनट से अधिक का समय लगने लगा है।
परिदा ने किया री-ट्वीट
सांसद किरण खेर की ओर से संसद में रिंग रोड का मुद्दा उठाए जाने के बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने खेर के ट्वीट पर री-ट्वीट करते हुए कहा है कि बहुत अच्छा मैडम..। इस सत्र के बाद हम तीनों इकाइयां मंत्रालय में एक अहम बैठक कर सकते हैं, जिसमें योजना के निष्पादन और वित्त को अंतिम रूप दिया जा सकता है।