डीजीपी मनोज यादव ने बताया कि महिला अपराध से संबंधित केसों के तत्काल निदान के लिए महिला थाने खोले गए हैं। इसका महिलाएं पूरा फायदा भी उठा रही हैं, लेकिन थाने में आने वाली महिलाओं को अभी भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
उनके पास कई शिकायतें और सुझाव आए हैं, जिसे वह तत्काल लागू करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के किसी भी महिला थाने में महिलाओं के लिए विश्रामालय व बच्चों की देखभाल की सुविधा नहीं है। प्रथम चरण में हर थाने में चाइल्ड केयर और विश्रामालय की व्यवस्था की जाएगी।
यातायात समस्या का तलाशा जाएगा विकल्प
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रैफिक समस्या गंभीर विषय है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका कोई सॉल्यूशन नहीं है। ट्रैफिक प्रॉब्लम से कैसे निपटा जा सकता है, इसके लिए प्रदेश के एक्सपर्ट से राय ली जाएगी और उनके विचारों पर मंथन करके अमलीजामा पहनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कई जगह तो ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते जाम लगता है। सर्वे रिपोर्ट की मानें तो ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सबसे ज्यादा शिक्षित लोग करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वेला विस्टा होटल से अकसर लोग रॉन्ग साइड में आते देखे जा सकते हैं। जब वह पंचकूला में बतौर एसएसपी तैनात थे तो गाड़ी में ही चालान बुक रखते थे और जिसे ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करते देखते थे, उसका मौके पर ही चालान काटते थे।
17 साल पहले और अब के क्राइम नेचर में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है। उन्होंने बताया कि सन 2002 में उन्होंने ‘हिस्ट्री ऑफ हरियाणा पुलिस’ बुक लिखी थी, जिसका विमोचन देश के तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया था। उन्होंने कहा कि अब इस बुक को अपग्रेड करने का समय आ गया है। 17 साल में जिस तरह से अपराध के तरीके में बदलाव आया है इसे कंट्रोल करने की थ्योरी को भी बुक में समायोजित करेंगे।
यूएनओ मिशन से बहुत कुछ सीखा
डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि पिछले दिनों यूएनओ मिशन दौरे से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने बताया कि मिशन में करीब 70 देशों के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मिशन की खासियत ये थी कि जिम्मेदारी किसी को भी पोस्ट के मुताबिक नहीं दी जाती थी, बल्कि कार्य को देखते हुए उसे जिम्मेदारी सौंपी गई।
कई ऐसे अधिकारी भी देखने को मिले जो वहां कांस्टेबल के तौर पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने बताया कि टीम के साथ बेहतर सामंजस्य कैसे बैठाना है और रिजल्ट कैसे हासिल करना है, ये बहुत अच्छी तरह बताया गया।