चंडीगढ़ पर हक जमाने के मुद्दे पर पंजाब के सीएम बादल और हरियाणा के सीएम खट्टर को सांसद खेर ने 'खरा' जवाब दिया है। सांसद किरण खेर ने कहा है कि पंजाब और हरियाणा चंडीगढ़ को अपनी राजधानी बताकर हक तो खूब जताते हैं, लेकिन दोनों में से कोई भी विकास में सहयोग नहीं करता।
दोनों प्रदेशों के अधिकारी चंडीगढ़ में रहकर यहां की सुविधाओं का लाभ लेते हैं, लेकिन मेंटेनेंस का खर्च चंडीगढ़ को उठाना पड़ता है। सहयोग के नाम पर सिर्फ पानी चंडीगढ़ को मिलता है वह भी हाथ जोड़कर लेना पड़ता है। सांसद खेर ने यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। सांसद ने कहा कि पंजाब और हरियाणा चंडीगढ़ पर हक जताने के लिए लड़ते रहते हैं। जबकि उनका मानना है कि चंडीगढ़ का यूटी स्टेटस बरकरार रहना चाहिए। कुछ बदलने पर यह शहर भी दूसरों की तरह लैंड माफिया के हाथों में चला जाएगा।
बहुत से शहरों में ऐसा ही हो रहा है। लैंड माफिया कॉलोनाइजर्स ने गैर योजनाबद्घ तरीके से कॉलोनियां काट रखी हैं, जिससे शहर के विकास में दिक्कत आती है। वह खुद न तो कोई बिल्डर हैं और न ही कॉलोनाइजर, इसलिए उनसे किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। ऐसे में चंडीगढ़ जैसा है वैसा ही रहना चाहिए।