हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
1957 के आंदोलन में संघर्ष करने वाले और यातनाएं सहने वाले लोगों के लिए बीजेपी सरकार ने बहुत बड़ी घोषणा की है। हरियाणा सरकार ने हिन्दी आंदोलन (1957) के दौरान प्रताड़ित एवं जेल में यातनाएं सहने वाले नागरिकों की ओर से किए गए संघर्ष का सम्मान करते हुए उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देने का निर्णय लिया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हिन्दी आंदोलन में संघर्षरत हरियाणा के ऐसे नागरिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों और सगे-संबंधियों से अनुरोध किया गया है कि इस आंदोलन से जुड़े रहने वाले व्यक्तियों के बारे में जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने को कहा है ताकि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देने का फैसला लिया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्ण जानकारी 10 दिनों के अंदर संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालय, उप-निदेशक, क्षेत्र शाखा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा, चंडीगढ़ को भेजी जा सकती हैं।
प्रताड़ित नागरिक इस मेल आईडी पर भेजें डिटेल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के बहुत से लोगों को 1957 में हिन्दी आन्दोलन के दौरान प्रताडि़त किया गया था और कई लोगों को जेलों में यातनाएं भी सहनी पड़ी थी। हरियाणा के ऐसे सभी नागरिकों को प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि आन्दोलन के दौरान संघर्षरत नागरिक, उनके उत्तराधिकारी, परिवार के सदस्य, संबंधी या उनके शुभेच्छु अगले 10 दिन में आन्दोलन से संबंधित व्यक्तियों की जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा प्रदत्त किए जाने पर कार्यवाही की जा सके।
उन्होंने बताया कि आन्दोलन में प्रताडि़त नागरिकों की जानकारी संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालय, सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के चंडीगढ़ स्थित उपनिदेशक क्षेत्र शाखा (0172-5059113) कार्यालय और जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी कार्यालयों सहित dgiprharyana@yahoo.com पर भेजी जा सकती है।