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किरण खेर ने नई बसों को हरी झंडी दिखाई, 10 के अटैचमेंट के आर्डर

Thu, 26 May 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीटीयू बस - फोटो : amar ujala
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सांसद किरण खेर ने बीते शुक्रवार को जिन 49 नई मिडी बसों को हरी झंडी दिखाकर शहर में संचालित करवाया था उनमें से 10 को बुधवार सीजेएम कोर्ट ने अटैचमेंट आर्डर पास किए हैं। सीजेएम ने यह आदेश चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के चार ड्राइवरों के केस में दायर एग्जिक्यूशन याचिका की सुनवाई के बाद दिए। कोर्ट के फैसले में यूटी के सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट समेत सीटीयू के जनरल मैनेजर की सरकारी कार भी अटैच करने को कहा है।
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टीयू ने मामले में लेबर कोर्ट के फैसले का पालन न करते हुए हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। वहीं, हाईकोर्ट जाने से पहले लेबर कोर्ट के आदेश पर ही सीटीयू प्रबंधन ने चारों को दोबारा नौकरी पर रख लिया था, लेकिन उनका पूरा बकाया नहीं दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए एडवोकेट डीआर कैंथ और विशाल गुप्ता ने बताया कि, हाईकोर्ट से चीफ जस्टिस ने 31 मार्च 2015 तक सीटीयू मैनेजमेंट को इन ड्राइवरों का 25 प्रतिशत बकाया तुरंत और शेष बाद में चुकाने का आदेश दिया। लेकिन, 31 मार्च 2015 तक जब प्रबंधन ने 25 प्रतिशत बकाया नहीं चुकाया तो याचिकाकर्ताओं ने एग्जीक्यूशन दायर क र पूरा 50 प्रतिशत बकाये की अपील की थी। इसमें सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट और सीटीयू के डिवीजनल मैनेजर को पार्टी बनाया गया था। 
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इन बसों के अटैचमेंट आर्डर 
- सीएच01 जीए 4701 
- सीएच01 जीए 4702 
- सीएच01 जीए 4703 
- सीएच01 जीए 4704 
- सीएच01 जीए 4705 
- सीएच01 जीए 4706 
- सीएच01 जीए 4707 
- सीएच01 जीए 4708 
- सीएच01 जीए 4709 
- सीएच01 जीए 4710 

इनकी सरकारी कारों के अटैमेंटच आर्डर 
सेक्रेट्री ट्रांसपोर्ट की कार नंबर सीएच01 जी 0007 
सीटीयू के जनरल मैनेजर की कार नंबर सीएच01 जी 0006

बिना नोटिस दिए निकाला था नौकरी से 
सीटीयू में ड्राइवर रहे जोरा सिंह, हरनेक सिंह, हरचंद सिंह और हरबंस सिंह ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल एंड लेबर कोर्ट में सीटीयू के खिलाफ केस दायर किया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए लेबर कोर्ट ने उन्हें दोबारा नौकरी पर रखने के अलावा उनके 50 प्रतिशत पिछले वेतन को देने के भी आदेश दिए थे। जोरा सिंह के केस में लेबर कोर्ट ने 27 फरवरी 2013 को संबंधित फैसला दिया था। अन्य के मामले में भी इसी आदेश को फॉलो करने को कहा गया था। 
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