मैं नहीं चाहती चंडीगढ़ में कभी मेट्रो चले। दिल्ली की तरह पूरा शहर इधर-उधर से खोदा जाए। मेट्रो पर मैं किसी सवाल का जवाब नहीं दूंगी। सांसद किरण खेर ने मेट्रो प्रोजेक्ट पर पूछे गए सवाल पर रुष्ट होते हुए यह जवाब दिया। खेर ने यूटी गेस्ट हाउस में पत्रकारों को चाय पर चर्चा के लिए बुलाया था।
सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ में मेट्रो की कोई जरूरत ही नहीं है। मेट्रो की महंगी टिकट लेकर कोई सफर ही नहीं करेगा। जिससे मेट्रो को चलाने का खर्च ही पूरा नहीं होगा। जब उनसे सड़कों पर लगातार बढ़ती भीड़ से पीक आवर्स में रोजाना लगने वाले जाम के बारे में सवाल किया गया तो वह कहने लगीं कि मोहाली और पंचकूला की भीड़ के लिए मेट्रो नहीं चलनी चाहिए। वह शहर में रिंग रोड के पक्ष में हैं।
सांसद की इन बातों ने प्रशासन की अभी तक की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 10 साल से डीपीआर तैयार करने में पैसा और समय दोनों जाया हो रहे हैं। ऐसा भी कहा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव नहीं बनने के कारण डीपीआर अभी तक मंजूर नहीं हुई है। प्रशासन जैसे ही डीपीआर केंद्र सरकार को भेजता है उसमें कोई न कोई कमी निकल आती है।
दो और गांव लेंगी गोद
किरण खेर ने कहा कि वह दो और गांव गोद लेंगी। यह गांव कौन से होंगे अभी इसका खुलासा नहीं किया है। खेर ने कहा कि अभी उन्होंने सारंगपुर गांव गोद ले रखा है। गांव में बहुत से विकास कार्य करवाए हैं। उन्होंने कहा कि एमपी लैड फंड में से अभी तक वह 5 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च कर चुकी हैं। कुछ और नए प्रोजेक्ट्स हैं उन पर जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।
पूर्व एडवाइजर विजय देव और दूसरे अधिकारियों पर हमला बोला
किरण खेर, सांसद
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चंडीगढ़ भी बनेगा स्मार्ट सिटी
सांसद ने उम्मीद जताई कि इस बार चंडीगढ़ भी स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। स्मार्ट सिटी का इस बार जो प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है वह काफी मजबूत है। बाकायदा कंसल्टेंट की मदद ली गई है। जिससे स्मार्ट सिटी बनने के पूरे चांस हैं। वह खुद मंत्रालय में इसकी पैरवी कर रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछला प्रस्ताव बहुत कमजोर था। जिस कारण स्मार्ट सिटी की पहली लिस्ट में चंडीगढ़ नहीं आया।
विजय देव पर बोला हमला
खेर ने पूर्व एडवाइजर विजय देव और दूसरे अधिकारियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छह महीने प्रशासन में क्या हुआ उन्हें कुछ पता नहीं था। किसी भी काम के संबंध में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। अधिकारी अपनी मनमर्जी से ही काम कर रहे थे। इतना ही नहीं जो आइडिया वह देकर जाती थीं, उसका क्रेडिट भी पुराने अधिकारी ही ले लेते थे। जो काम होते उनमें उनका नाम नहीं होता था। जब उनसे ऐसे किसी आइडिया या काम के बारे में पूछा तो उन्होंने अब याद नहीं होने की बात कही। हालांकि उन्होंने पूर्व एडवाइजर देव और उनके परिवार के साथ अच्छे संबंध होने की बात भी कही। लेकिन उनकी कार्यप्रणाली पर नाखुशी जताई। इसके अलावा वर्तमान एडवाइजर परिमल राय के कार्यों की तारीफ की। खेर ने कहा कि वह हर मुद्दे पर उन्हें शामिल करते हैं।
पार्किंग समस्या मिल बैठकर पर सुलझाएं
मल्टीलेवल पार्किंग के बनने से दूसरी पार्किंग बंद होने से हो रहे पंगे को सांसद ने कहा कि मामले को बैठकर सुलझाना चाहिए। थोड़े दिन मल्टीलेवल पार्किंग का इस्तेमाल करके देखना चाहिए। यदि किसी व्यापारी को कोई दिक्कत होती भी है तो उसका हल निकाला जा सकता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता हरमोहन धवन की नाराजगी के सवाल पर खेर ने कहा कि धवन उनके बड़े भाई हैं। वह उन्हें गलत नहीं कह सकतीं। साथ ही उन्हें इस मामले में न ही घसीटा जाए तो अच्छा होगा।