सड़क हादसे में सिर में चोट लगने के लिए बुजुर्ग की याद्दाश्त चली गई। मामले में ट्रिब्यूनल ने 10.22 लाख बतौर मुआवजा देने की घोषणा की। हादसे का शिकार होने वाले 66 वर्षीय राजेंद्र कपूर डीएवी स्कूल सेक्टर-22 में बतौर अकाउंटेंट काम करते थे।
हादसे के बाद से करीब दो महीने तक वह हॉस्पिटल में ही रहे और उसके बाद भी उन्हें परमानेंट डिसेबिलिटी और कई अन्य शारीरिक नुकसान हुए। ट्रिब्यूनल ने यह मुआवजा ब्याज समेत चुकाने के लिए बाइक चालक/मालिक और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं। हादसा 2 जून 2014 का है।
सेक्टर-45ए में रहने वाले राजेंद्र कपूर सुबह 8:30 घर से स्कूटर पर ड्यूटी के लिए निकले थे। रास्ते में वह सेक्टर-34डी स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए गए। इसी दौरान तेजी से आ रहे बाइक सवार देवेंदर सिंह ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। हादसे में राजेंद्र के सिर पर गंभीर चोट लगी।
उन्हें फौरन जीएमसीएच-32 ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी खराब हालत देखते हुए उन्हें मोहाली के मैक्स हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां उनका ऑपरेशन हुआ। उन्हें दो महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। साथ ही हादसे के बाद उनकी याददाश्त चली गई और सुनाई देना बंद हो गया।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटी उन्हीं पर निर्भर थी। उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ी। उनके इलाज में पैसा खर्च होने को आधार बनाते हुए उन्होंने 40 लाख रुपये के मुआवजे की अपील की थी।