चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने बस की टक्कर से घायल हुई महिला को 26 लाख 26 हजार 274 रुपये बतौर मुआवजा राशि के तौर पर अदा करने के आदेश हरियाणा रोडवेज को दिए हैं। हादसा करीब आठ साल पहले अप्रैल 2015 में हरियाणा रोडवेज के जींद डिपो की बस से हुआ था।
60 लाख का मुआवजा मांगा था
पीड़िता ने हादसे को लेकर 60 लाख रुपये मुआवजे की अपील को लेकर याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए हरियाणा परिवहन मंत्रालय के सचिव, हरियाणा रोडवेज जींद डिपो के महाप्रबंधक, बस चालक सत्यवान और वाहन की बीमा कंपनी द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से घायल महिला को मुआवजे की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
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बुटीक चलाती थी महिला
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि बस चालक की लापरवाही से हादसा हुआ। क्योंकि बस की रफ्तार ज्यादा थी, जिस वजह से वह बस को नियंत्रित नहीं कर पाया। महिला का अपना बुटीक था और वह प्रति वर्ष लगभग डेढ़ लाख रुपये से अधिक कमा रही थी, लेकिन हादसे के बाद से वह दिव्यांग हो गई, जिस वजह से उन्हें नुकसान हुआ।
यह है मामला
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका अंबाला के जैन नगर की रहने वाली शिवानी जैन ने बताया कि 9 अप्रैल 2015 वह अंबाला शहर से घर अपनी एक्टिवा से लौट रही थी। दोपहर करीब 1.30 बजे जब वह हिसार अंबाला रोड पर बचन धर्मकांटा के पास पहुंची तो वहां ट्रैफिक जाम था। महिला वहां एक्टिवा रोक कर खड़ी थी। इसी बीच हरियाणा नंबर का एक कैंटर आया जो उसके पीछे रुक गया।
हरियाणा रोडवेज के जींद डिपो की बस ने महिला के पीछे खड़े कैंटर को टक्कर मार दी। बस की टक्कर से कैंटर महिला की एक्टिवा से टकराया। कैंटर की जोरदार टक्कर से महिला एक्टिवा से गिर गई और कैंटर का एक टायर उसके बाएं पैर के ऊपर से गुजर गया। महिला का बायां पैर बुरी तरह कुचल गया। लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में सिविल अस्पताल अंबाला पहुंचाया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां से परिजन उन्हें इलाज के लिए डीएमसी लुधियाना ले गए।