इस पर फिर हंगामा शुरू हो गया और सभी अकाली सदस्य फिर से वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। अकाली सदस्यों को विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार शांत रहने और अपनी सीटों पर जाकर बैठने की हिदायत दी लेकिन अकाली सदस्यों के अनदेखी करने पर अध्यक्ष ने सख्त कदम उठाते हुए सभी सदस्यों को तीन दिन के लिए नेम कर दिया।
हंगामे की वीडियो बनाते रहे विधायक सुखपाल खैरा
अकाली दल और आप सदस्यों ने जब पहली बार वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू की तो उनके जवाब में कांग्रेसी सदस्य भी मुख्यमंत्री की मेज के पास जमा हो गए और कुछ बैनर लहराते हुए अकाली व आप विधायकों का विरोध करने लगे। इसी दौरान अपनी सीट पर बैठे विधायक सुखपाल सिंह खैरा मोबाइल फोन पर हंगामे की वीडियो बनाते रहे। कुछ ही देर में यह खबर सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल होने लगी।
इसी दौरान खैरा अपने सीट से उठे और मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के पास जाकर बैठ गए। दूसरी बार जब कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित हुई और अकाली दल के सदस्य वेल में धरना दे रहे थे तो सुखपाल खैरा ने फिर से वीडियो बनाना शुरू किया। लेकिन इस बार कांग्रेस सदस्यों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन्होंने खुद को यह कहते हुए सही ठहराने की कोशिश की कि सदन की कार्यवाही स्थगित है, इसलिए वीडियो बना रहे हैं।