अपने मित्र से अपनी ही बेटी का रेप कराने वाली मां को कोर्ट ने सात साल के कारवास की सजा सुनाई, जबकि दोषी पूर्व फौजी को भी इतनी ही सजा सुनाई गई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, छह मार्च 2013 को 14 वर्षीय किशोरी ने अपनी मां और उसके मित्र फौजी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत दी थी।
शिकायत में कहा गया कि मां ने दस साल पहले ही उसके पिता को छोड़ दिया था और उसे लेकर सूरजपुर में किराये के मकान में रहने लगी।
वहां मां की जान-पहचान सुरेंद्र सिंह से हुई, जो मिलिट्री इंजीनियर्स सर्विस (एमईएस) में काम करता था और उसका घर में आना-जाना था।
उसकी मां और सुरेंद्र के अवैध संबंध थे। करीब दो साल पहले वह और उसकी मां सूरजपुर से घर छोड़कर नाडा गांव में किराये पर रहने लगी। वहां भी सुरेंद्र का आना-जाना लगा रहता था।
शिकायत के मुताबिक लड़की ने कहा कि करीब एक साल पहले एक दिन वह घर में अकेली थी। तभी सुरेंद्र ने उसके साथ दुराचार करने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग गई।
जब उसने मां को इसकी जानकारी दी तो उसने भी धमकी दी कि अगर अंकल की मर्जी का विरोध किया तो अच्छा नहीं होगा।
वह एक साल तक जुर्म सहती रही, लेकिन जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो घर से भागकर सेक्टर-7 में अपनी एक रिश्तेदार के साथ रहने लगी।
पुलिस के मुताबिक, चंडीमंदिर थाने में तीन मार्च 2013 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। 28 फरवरी 2013 को पीड़िता घर से भागकर अपनी एक रिश्तेदार महिला के पास चली गई थी। वहां उसने आपबीती बताई।
इसके बाद पुलिस के पास शिकायत पहुंची और रेप, धमकी देने का मामला दर्ज किया गया। 9 मार्च को महिला और उसके मित्र सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था।