पंजाब में निजाम बदल चुके हैं, इसके बाद भी बड़े अधिकारियों की सचिवालय आने की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं आया। भगवंत मान के शपथ ग्रहण से पहले सचिवालय से सोमवार को अधिकांश अधिकारी नदारद रहे। अधीनस्थ बोले कि साहब दौरे पर हैं, कब आएंगे के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली। हालांकि छोटे अधिकारी बदलाव को देखते हुए राइट टाइम हो गए हैं।
पंजाब सचिवालय में अधिकारियों के आने के समय को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद 20 सितंबर 2021 को उनके स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सरकार का कार्यभार संभालने के साथ ही अधिकारियों को सचिवालय समय पर आने की हिदायत दी थी। उन्होंने अधिकारियों को सुबह 9 बजे पहुंचने के निर्देश दिए थे और जनता के साथ मिलने का समय बढ़ाने को भी कहा था।
अब पंजाब का निजाम बदल गया है उनके स्थान पर 16 मार्च को भगवंत मान मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इसके बाद भी सचिवालय में बड़े अधिकारियों की टाइमिंग और उनकी अनिवार्य उपस्थिति अभी नियमित नहीं हुई है। अधिकारियों के कार्यालय में उपस्थित नहीं होने के कारण मिलने वाले भी नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण से सचिवालय में भी सन्नाटा पसरा है। बड़े अधिकारियों के अधीनस्थों ने बताया कि साहब दौरे पर हैं, कब आएंगे के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।
कर्मचारियों की पार्किंग हुई फुल
सत्ता में बदलाव के साथ ही सचिवालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिलने लगा है। सचिवालय की कर्मचारी पार्किंग में वाहनों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जहां वाहनों से ज्यादा खाली स्थान दिखाई देता था अब वहां वाहनों की संख्या में वृद्धि होनी शुरू हो गई है। दो पहिया पार्किंग फुल होने लगी है। कार पार्किंग में भी संख्या बढ़ी है।
मान के पहले निर्देश अभी अमल नहीं
आम आदमी पार्टी की जीत के बाद मनोनीत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि अब सरकारी कार्यालयों में मुख्यमंत्री नहीं शहीद भगत सिंह और संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की फोटो लगाई जाएगी। इसके बाद भी सचिवालय कार्यालयों में अभी तक फोटो नहीं लगाई गई हैं। अफसरशाही ने मान के इस पहले निर्देश पर ही अमल अभी तक नहीं किया है।