सर्दी के मौसम में ज्यादा गर्म पानी से नहाना भी ड्राइनेस, खारिश, सोराइसिस और स्केबीज जैसे त्वचा संबंधी रोगों के प्रमुख कारणों में से एक है।
त्वचा विशेषज्ञों की मानें तो रोजाना ज्यादा गर्म पानी से नहाकर बाथरूम से बाहर निकलने से ड्राइनेस (स्किन का फटना) और खारिश की ज्यादा आशंका होती है।
अपनी त्वचा के हिसाब से ऐसे चुनें कॉस्मेटिक्स
पंचकूला सेक्टर-16 की सरकारी डिस्पेंसरी में ड्राइनेस और खारिश से पीड़ित रोजाना 50-60 मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सोराइसेज, स्केबीज से पीड़ित मरीजों की संख्या भी 20-25 रहती है।
स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार, सर्दी के मौसम में हल्के गुनगुने पानी से नहाना चाहिए, ताकि शरीर की नमी बरकरार रहे। ज्यादा गर्म पानी के उपयोग से स्किन की नमी खत्म हो जाती है। इससे ड्राइनेस धीरे-धीरे बढ़ने लगती है और वह खारिश का रूप ले लेती है।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
सर्दी के मौसम में नहाने से पहले या बाद में नारियल और जैतून का तेल लगाना स्किन के लिए लाभदायक होता है। इसके अलावा नारियल के तेल में कपूर डालकर भीगे शरीर पर लगाना भी स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
रोजाना नहाओ, स्केबीज से बचो
यह बीमारी पैरासाइट से फैलता है और यह दूसरे को भी फैल सकती है। जिले के स्किन डिस्पेंसरी में रोजाना ऐसे 20-25 मरीज पहुंचते हैं।
इस बीमारी के मुख्य कारण रोजाना नहीं नहाना, ओवर क्राउडिंग एरिया में रहना, एक कमरे में चार से पांच लोगों का रहना, सर्दी में एक कपड़ा कई दिनों तक पहनना आदि हैं।
स्केबीज के लक्षण
- अंगुलियों के बीच दाने होना
- शरीर के अंदरूनी भागों में दाने निकलना
- ज्यादा खुजली होना
सोराइसिस में बार-बार ट्रीटमेंट
यह एक क्रानिकल बीमारी है। इसमें मरीज को बार-बार ट्रीटमेंट लेना पड़ता है। कई लोग तो उम्रभर इसकी चपेट में रहते हैं। सर्दी के मौसम इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है।
अन्य सीजन के अपेक्षाकृत सर्दी में यह बीमारी ज्यादा होती है।
सोराइसिस के लक्षण
- शरीर पर लाल चकाते बनना
- सर्दी के मौसम में इन चकातों पर सिल्वर रंग का स्केल बना जाता है, जिससे खुजली होती है।
(अन्य अपडेट, सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए आप हमें facebook पर ज्वॉइन करें)