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हाईकोर्ट पर बढ़ रहा भार : तीन लाख 85 हजार से ज्यादा केस लंबित, कोरोना व जजों की कम संख्या वजह

Tue, 13 Apr 2021 02:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। इस साल फरवरी तक के आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो हाईकोर्ट में कुल 3 लाख 85 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें जहां आपराधिक मामलों की संख्या 1 लाख 40 हजार से ज्यादा है तो वहीं सिविल लंबित मामले 2 लाख 32 हजार से ज्यादा हैं।

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कोरोना जहां एक ओर देश में अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है तो वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़ाने में भी भूमिका निभा रहा है। फरवरी के अंत तक हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 3 लाख 85 हजार 456 केस तक पहुंच गई। अगर तुलनात्मक दृष्टी से देखा जाए तो गत वर्ष फरवरी के मुकाबले इस वर्ष लंबित मामलों की संख्या में 30 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है। 

गत वर्ष 26 मार्च से लॉकडाउन घोषित किया गया था। इसके बाद से अदालतों में फिजिकल सुनवाई पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। बेहद अहम मामलों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई का फैसला लिया गया था। अप्रैल माह में सिर्फ 78 केस हाईकोर्ट में दाखिल किए गए थे और इनमें से केवल 20 का ही निपटारा हो सका था। धीरे-धीरे पाबंदियां कम होने के साथ ही हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए बेंचों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी थी।
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फिजिकल सुनवाई आरंभ न होने के चलते हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपनी मांग को आंदोलन का रूप देने का फैसला कर लिया था। वकीलों के रुख के बाद फरवरी में हाईकोर्ट ने 3 बेंचों को फिजिकल सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में 12 बेंच फिजिकल सुनवाई कर रही हैं जिनमें 1 खंडपीठ और बाकी 11 एकल पीठ हैं।

जजों की कमी बड़ा कारण
हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या में बढ़ोत्तरी का एक बड़ा कारण जजों की कमी भी है। हाईकोर्ट में जजों के 85 स्वीकृत पद हैं। यदि स्वीकृत पदों से तुलना की जाए तो वर्तमान में कार्यरत जजों की संख्या स्वीकृत पदों से आधी 47 है। लिहाजा हाईकोर्ट में 38 पद स्वीकृत होने के बावजूद इन पर जजों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसी वर्ष हाईकोर्ट के तीन जज सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं और ऐसे में जजों की संख्या और कम हो जाएगी।

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