चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में नर्साें की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का दबी जुबान कहना है कि जीएमसीएच प्रशासन राजस्थान के अभ्यर्थियों पर ज्यादा मेहरबान है। 2010 से लेकर अब तक नर्सों की नियुक्तियों में अकेले राजस्थान के 90 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थी सफल रहे हैं। इस फर्जीवाड़े के बाद पुरानी परतें भी खुलने शुरू हो गई हैं। अस्पताल के ही डॉक्टर और कर्मचारी जांच की बात कर रहे हैं।अभी तक सफल होने वाले अभ्यर्थियों में पंजाब और हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों के महज 5 से 7 प्रतिशत युवा ही शामिल हैं। इससे सिर्फ एक ही जगह के अभ्यर्थियों की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि राजस्थान के जो अभ्यर्थी वाकई परीक्षा पास कर नर्स बने हैं, वे कड़ी मेहतन कर अस्पताल की व्यवस्था संभालने में अहम भूमिका भी निभा रहे हैं लेकिन फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले व्यवस्था को बर्बाद करने में जुटे हुए हैं इसलिए पुरानी नियुक्तियों की फिर से जांच जरूरी है। अगर जांच हुई तो एक-दो नहीं कई मामले सामने आएंगे।
बता दें कि जीएमसीएच-32 में 2022 में हुई नर्सों की नियुक्ति में चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीएमसीएच 32 ने पुलिस को सभी कागजात उपलब्ध करा दिए हैं लेकिन अब तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
2010 से अब तक 4 बार हुईं नियुक्तियां
2010 से अब तक जीएमसीएच 32 में चार बार नर्सिंग की लगभग 500 पदाें पर नियुक्ति की गई है। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के अनुसार चार बार की प्रक्रिया में सफल होने वाले 90 प्रतिशत उम्मीदवार सिर्फ राजस्थान के हैं। इतना ही नहीं, उनमें से कई बार तो राजस्थान के एक ही गांव या शहर के 10 से 20 उम्मीदवार चयनित किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एक गांव या शहर से दर्जनभर से ज्यादा उम्मीदवारों के चुने जाने पर पहले भी आपत्ति जताई गई थी लेकिन मामले को दबा दिया गया।
जुगाड़ वाले ऐसे कर रहे काम
स्थिति यह है कि जुगाड़ से जीएमसीएच 32 में प्रवेश पाने वाले नर्स बड़ी ही चालाकी से अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उनकी इलाज की तकनीक कॉलेज के बीएससी नर्सिंग के छात्र बयां करते हैं। छात्रों के अनुसार फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले नर्स की अगर रात में ड्यूटी लग जाए तो वे अपनी मर्जी से इमरजेंसी के मरीजों को एंटीपायरेटिक यानी बुखार की, एंटी एमेटिक यानी उल्टी की और पेनकिलर दे देते हैं ताकि वे रात में उन्हें परेशान न करें और वे आराम से सोकर अपनी ड्यूटी कूरी कर सकें। वे डॉक्टरों के परामर्श को भी नहीं मानते।
नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया एक नजर में
- 182 पद
- 28 अगस्त 2022 को 39 केंद्रों पर परीक्षा
- 10594 उम्मीदवार हुए शामिल
- तीन चरण में हुई लिखित परीक्षा
- 4 फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा गया
- मामले पर 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
यह अच्छी बात है कि नर्सिंग की नियुक्ति में हुई धांधली को पकड़ा गया है। अब यह जरूरी है कि इस धांधली की गंभीरता से जांच हो ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले।
राजेश चौटाला, अध्यक्ष जीएमसीएच 32 नर्सिंग एसोसिएशन
पुलिस की ओर से मांगे गए दस्तावेज जीएमसीएच 32 प्रशासन ने उपलब्ध करा दिए हैं। इस मामले पर विभाग भी बारीकी से नजर बनाए हुए है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
मामले की जांच चल रही है। फिलहाल अभी कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
देविन्द्र सिंह, थाना प्रभारी सेक्टर 34