देश में ग्रीन सिटी के नाम से विख्यात चंडीगढ़ शहर में एक और फोरलेन हाईवे बनने जा रहा है। खास बात यह है कि इस हाईवे की राह में आने वाले 50 से अधिक हरे पेड़ों की बलि दी जाएगी। पंजाब से चंडीगढ़ को जोड़ने वाले इस प्रस्तावित पीआरफोर हाईवे के बीच में पड़ने वाले इन पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया है। इस फोर लेन हाईवे का 2 किलोमीटर हिस्सा चंडीगढ़ में आएगा, बाकी हिस्सा पंजाब में पड़ेगा।
आपको बता दें कि वर्ष 2018 के नवंबर माह में पंजाब के कुराली से डीएलएफ प्वाइंट से डड्डूमाजरा और धनास के मिल्क प्वाइंट तक पीआरफोर हाईवे की मंजूरी मिली थी। यूटी के अंतर्गत आने वाले हिस्से की भूमि का सर्वे का कार्य यूटी के भूमि अधिग्रहण विभाग के द्वारा किया जा रहा है। इस हाईवे के लिए धनास और डड्डूमाजरा के 100 किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। किसानों की भूमि पर 50 से अधिक हरे पेड़ भी आ रहे हैं। इनमें कुछ फलदार पेड़ भी शामिल हैं।
इन पेड़ों को काटने के लिए अभी हाल ही में वन विभाग और उद्यान विभाग की टीम के द्वारा सर्वे किया गया। अब यह सर्वे रिपोर्ट जल्द ही दोनों विभागों के द्वारा भूमि अधिग्रहण विभाग को सौंप दी जाएगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मिलने के साथ ही प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए यूटी को भेज दिया जाएगा।
किस दर पर किसानों को मिलेगा मुआवजा
पीआरफोर हाईवे के लिए डड्डूमाजरा और धनास के लगभग 100 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यूटी के द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण के लिए दरों का निर्धारण कर दिया है। डड्डूमाजरा में 1.15 करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा की दर निर्धारित की गई है जबकि धनास में प्रति एकड़ की दर 1.89 करोड़ रुपये तय की गई है।
भूमि अधिग्रहण में 75 करोड़ होगा खर्च
एस्टेट ऑफिस के भूमि अधिग्रहण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हाईवे के दौरान धनास के 15 और डड्डूमाजरा के 85 किसानों की भूमि आ रही है। भूमि के मुआवजे के लिए निर्धारित की गई दर के हिसाब से इस कार्य में 70 से 75 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
हाईवे से चंडीगढ़ में ट्रैफिक का बोझ होगा कम
पीआरफोर हाइवे के निर्माण से चंडीगढ़ शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा। एस्टेट ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार न्यू चंडीगढ़ से कुराली, मोहाली, खरड़ जाने वाले वाहनों को चंडीगढ़ नहीं आना पड़ेगा। वाहन इसी हाईवे की मदद से बाहर से ही पंजाब के लिए निकल जाएंगे।