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फैसलाः सिखों पर अत्याचार, जांच के लिए एसजीपीसी की तीन सदस्यीय कमेटी जाएगी मध्यप्रदेश

Thu, 02 Jan 2020 09:49 AM IST
खुशबू गोयल ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
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गोबिंद सिंह लौंगोवाल - फोटो : फाइल फोटो
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मध्य प्रदेश में बसे सिखों को वहां से उजाड़ने का विरोध करते हुए एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। उन्होंने कमेटी को मध्य प्रदेश का दौरा करने और गांवों में सिखों की स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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इस कमेटी में एसजीपीसी के कार्यकारिणी सदस्य इंदर मोहन सिंह लखमीर वाला, एसजीपीसी सदस्य गुरचरण सिंह व कनिष्ठ सचिव तेजिंदर सिंह को शामिल किया गया है। लौंगोवाल जल्द ही इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलने जाएंगे।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने दावा किया कि एमपी के जिला शिओपुर की तहसील करहाल स्थित गांवों में प्रशासन ने सिखों के घर को तोड़ दिया है। फसलों को नष्ट कर दिया है। सिखों की जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची जा रही है।
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उन्होंने कहा कि एसजीपीसी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलवाने के लिए उनके साथ खड़ी है। वे मामले की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं ताकि प्रभावित सिखों की मदद की जा सके। लौंगोवाल के अनुसार इन गांवों में बसे सिख परिवार बीते 30 वर्षों से रह रहे हैं। उन्हें दबाने की साजिश कर मुख्यमंत्री कमलनाथ का सिख विरोधी चेहरा सामने आ गया है।

देश में अल्पसंख्यक सिखों की रक्षा करना केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। मध्य प्रदेश की सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरती है। लौंगोवाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सिखों पर किए जा रहे जुल्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सिखों को इंसाफ दिया जाए।
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