पीड़िता ने कहा कि उसे नाम के लिए सुरक्षा दी गई है लेकिन सुरक्षा में तैनात जवान भी पंचकूला पुलिस के हैं। लिहाजा उसे चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा दी जाए और जब भी पंचकूला पुलिस उसे पूछताछ के लिए बुलाए तो उसे चंडीगढ़ पुलिस की निगरानी में ही भेजा जाए। पीड़िता ने कहा कि वह चाहती है कि उसे इंसाफ मिले और केस को बिना प्रभावित हुए जांच करने में केवल चंडीगढ़ पुलिस ही सक्षम है। ऐसे में चीफ जस्टिस से निवेदन किया गया था कि जांच और सुरक्षा चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी जाए।
हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया था और रिपोर्ट तलब की थी। मंगलवार को हरियाणा सरकार के वकील दीपक सभ्रवाल ने हाईकोर्ट में बताया कि 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक के लिए वारंट जारी किए गए हैं। यह गिरफ्तारी होते ही पुलिस इस मामले में चालान पेश कर देगी। हरियाणा पुलिस की जांच पर संतुष्टि जताते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
हरियाणा सरकार ने मोरनी गैंगरेप केस में हलफनामा दाखिल कर बताया कि कॉल डिटेल से लेकर सभी सबूत जुटा लिए गए हैं। डॉक्टर ने मेडिकल रिपोर्ट में कहा है कि यौन संबंध की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। जहां तक बात रेप की बात है तो वह एफएसएल मधुबन की रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि की जा सकती है। साथ ही यह भी बताया कि मधुबन लैब के निदेशक को पत्र लिखकर जांच में तेजी लाने को कहा गया है।