फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसूनः चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा में जमकर बरसे बदरा, पानी से भर गई सड़कें, अभी और होगी बारिश

Mon, 15 Jul 2019 09:47 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पानी से भरी सड़कें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में रविवार को जमकर बारिश हुई, क्योंकि अब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। वहीं बदरा अभी और भी बरसेंगे। चंडीगढ़ में रविवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई बारिश शाम पांच बजे तक जारी रही। शनिवार शाम साढ़े पांच बजे से लेकर रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक चंडीगढ़ में करीब 46 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
विज्ञापन


आषाढ़ बीतने को है, फिर भी हरियाणा 58 प्रतिशत कम बारिश से जूझ रहा है। प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के 10 दिन बाद भी 14 जिलों में सूखे के हालात हैं। लेकिन अंबाला में इतनी बारिश हुई कि खेतों तक में पानी भर गया। नदियां भी तय स्तर से ऊपर बह रही हैं। बारिश के चलते सोमवार को अंबाला में सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई।

पंजाब में हालांकि एक-दो घंटा बारिश हुई, लेकिन जमकर बरसे बदरा। इतना पानी बरसा कि राज्य भर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन प्रदेश के निचले हिस्सों में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चंडीगढ़-खरड़ हाईवे पर फ्लाईओवर के निर्माण की धीमी रफ्तार ने मानसून की शुरुआत में ही लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन

चंडीगढ़ में 18 जुलाई तक होगी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिन बारिश की पूरी संभावना है। 15 जुलाई को बादल छाए रहेंगे। एक दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 16 जुलाई को यही हालात रहने वाले हैं। घने बादल छाए रहेंगे। ट्राइसिटी के एक दो स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। 17 जुलाई को पंजाब-हरियाणा सहित चंडीगढ़ में भी अच्छी बारिश के संकेत बताए जा रहे हैं। 18 जुलाई को बारिश में थोड़ी गिरावट आ सकती है।

एक जून से लेकर 14 जुलाई तक चंडीगढ़ में 256 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के पास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। साथ ही पंजाब के उत्तर-मध्य भाग के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, एक टर्फ लाइन पंजाब से हिमालय के तराई वाले भागों से होते हुए नागालैंड तक फैली हुई है। इन वजहों से मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है और चंडीगढ़ सहित आसपास के प्रदेशों में अच्छी बारिश हो रही है।

मौसम विभाग की ओर से दावा किया गया है कि 18 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान पूरे ट्राइसिटी में बारिश होगी, एक दो इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उसके बाद ही बारिश थमने के आसार हैं। 16 जुलाई के आसपास बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। यदि लगातार बारिश हुई तो सुखना लेक व सुखना चो में अच्छा-खासा पानी आ सकता है। इससे कुछ लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है।

हालांकि लगातार बारिश के बाद प्रशासन की टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार तक बारिश की करीब 15 फीसदी कमी दर्ज की गई थी। रात व दिन में हुई झमाझम के बाद यह आंकड़ा मात्र छह फीसदी तक रह गया है।

पांच डिग्री और गिरा तापमान

दो से तीन जुलाई को चंडीगढ़ का तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा था। मानसून आने के बाद लगातार बारिश से दिन के तापमान में काफी गिरावट आई है। रविवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से सात डिग्री कम था। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि जब लगातार बारिश होती है तो तापमान में गिरावट आना स्वाभाविक है। यदि ठहराव होता है तो हवा में नमी की मात्रा बढ़ती है और इसे झेल पाना थोड़ा मुश्किल भी होता है।

बारिश से सुखना का जलस्तर 1157.50 फीट पहुंचा
अगर मौसम विभाग का अनुमान सही निकला तो आने वाले दिनों में सुखना का जलस्तर बीते कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। बीते एक हफ्ते से शहर में हो रही बारिश के बाद रविवार को सुखना लेक का जलस्तर 1157.50 फीट पहुंच चुका है। बीते सप्ताह में लेक का जलस्तर 1155.95 फीट रहा है। अब तक करीब 1.5 फीट लेक का जलस्तर बढ़ चुका है। अच्छी बारिश के चलते पिछले साल सुखना लेक का जलस्तर 1164 फीट तक पहुंच गया था।

जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को सुखना रेगुलेटरी एंड का फ्लड गेट खोलना पड़ा था। इससे पहले वर्ष 2008 सुखना में 1163 फीट जलस्तर दर्ज किया गया था। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में शहर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बारिश के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने लेक का जलस्तर बढ़ने के साथ ही इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली है।  

18 जुलाई तक बारिश होती रहेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मानसून एक्टिव हुआ है। एक दो दिन में भारी बारिश भी हो सकती है।
- सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर मौसम विभाग चंडीगढ़
विज्ञापन

आषाढ़ में सूखे रहे 14 जिले, सावन में भी उत्तर को ही सराबोर करेगा मानसून

आषाढ़ अब बीतने को है, फिर भी हरियाणा 58 प्रतिशत कम बारिश से जूझ रहा है। प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के 10 दिन बाद भी 14 जिलों में सूखे के हालात हैं। इन जिलों में अब तक लगभग 40 फीसदी ही धान की रोपाई हो पाई है। हालांकि सिरसा में 100 फीसदी धान की रोपाई हो चुकी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार से 18 जुलाई तक बारिश की संभावना है, लेकिन बादलों के ज्यादातर उत्तरी जिलों में ही बरसने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।   

मानसून की बेरुखी का आलम यह है कि बीते कई दिनों से बादलवाही के बावजूद सिर्फ उत्तरी जिलों में ही बारिश हो पाई है। ट्रफ लाइन हिमालयी क्षेत्र की ओर से बढ़ने के चलते मानसून सीजन में 14 जुलाई तक 111.5 मिमी बारिश पाने वाला हरियाणा सिर्फ 47.3  मिमी बारिश ही पा सका है। अब तक प्रदेश में सबसे अच्छी बारिश हिमाचल प्रदेश से सटे यमुनानगर में 183.3 मिमी हुई तो अंबाला 145.5 मिमी बारिश के साथ प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।

हैरानी की बात यह है कि उत्तरी क्षेत्र में होने के बावजूद कैथल और पंचकूला भी इस बार बारिश की भारी कमी से जूझ रहा है। ज्यादातर जिलों में बीते चार दिनों से राजस्थान से आ रहे धूल-कण परेशानी का सबब बने हुए हैं। हालांकि रविवार को वायु प्रदूषण से जींद, सोनीपत समेत कई जिलों को थोड़ी राहत मिली। सिरसा का एक्यूआई 80 अंकों के गिरावट के साथ 352 पर रहा तो हिसार का 8 अंक बढ़कर 333 पर पहुंच गया।

इस कारण से सिरसा सामान्य अस्पताल में सांस से संबंधित रोगों के मरीजों की संख्या 10 से 15 फीसदी बढ़ चुकी है। बारिश होने पर ही इससे राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने ट्रफ लाइन उत्तर से दक्षिण की ओर आने पर प्रदेश में 15 से 18 जुलाई तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में अब सावन में ही अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें