आषाढ़ में तरसाने वाले बदरा सावन की शुरुआत में ही हरियाणा पर मेहरबान हो गए। पिछले दो दिनों से उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम तक अच्छी बारिश दर्ज की गई। अभी तक प्रदेश में छितराई बारिश हो रही थी। करीब दो सप्ताह बाद इस सीजन में पहली बार पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हुआ है। इससे पिछले दो दिन में 27 फीसदी बारिश की कमी पूरी हो गई।
हालांकि, अब भी 31 फीसदी कम बारिश हुई है। उधर, पहाड़ों में अच्छी बारिश से घग्गर-मारकंडा नदियां उफान पर हैं। वहीं, सोनीपत के कैलाना गांव में मुर्गी फार्म की छत गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी के उफान पर रहने से जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
कैथल में घग्गर का जल स्तर खतरे के निशान (24 फीट) से ऊपर पहुंच गया है। इससे कई गांवों में पानी घुस गया है। फतेहाबाद जिले में घग्गर नदी में दो दिन बाद पानी का जलस्तर बढ़ेगा। फिलहाल, चांदपुरा साइफन पर एक ही दिन में छह हजार क्यूसिक पानी बढ़ गया है। अंबाला के मुलाना में दादूपुर नलवी नहर का किनारा टूटने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
सोनीपत में तीन दिन से बारिश हो रही है। झमाझम बारिश से नेशनल हाईवे चार घंटे तक 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।