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पीजीआई के मेटरनिटी वार्ड में बंदर, हड़कंप

Mon, 16 Jun 2014 01:54 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहर में बंदरों का आतंक तेजी से बढ़ता जा रहा है। कभी किसी के घर तो कभी यूनिवर्सिटी में आसानी से दाखिल हो जाते हैं। हद तो तब हो गई जब वह पीजीआई के मेटरनिटी वार्ड की माइनर ओटी में घुस गया। हफ्ते में यह दूसरी घटना है जब वार्ड में बंदर आया हो। पहले सोमवार को वार्ड में आया था। दूसरी बार शुक्रवार को दाखिल हुआ। आसपास खड़े कर्मचारियों ने इसकी सूचना सिक्योरिटी गार्ड को दी गई।
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आनन-फानन में पहुंचे सिक्योरिटी कर्मियों ने करीब 20 मिनट तक बंदरों को भगाने के लिए जद्दोजहद की। हालांकि इस दौरान अंदर कोई मरीज नहीं था। बताया जा रहा है कि बंदर खिड़की से दाखिल हुआ था। वहां पर मेंटेनेंस का काम चल रहा था। इस दौरान कर्मचारी खिड़की बंद करना भूल गए थे। इसी का फायदा उठाकर बंदर अंदर घुस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि मरीज अंदर होते तो मुश्किल खड़ी हो सकती थी। उनके मुताबिक नेहरू हास्पिटल की तीसरी मंजिल के गायनी वार्ड में दोपहर के वक्त बंदरों का एक झुंड आ गया था और वही जाकर बैठ गया। बीते सोमवार को भी ऐसा हुआ था। उस वक्त भी बंदर आया और अंदर ही बैठा रहा। कुछ मरीजों ने इसकी सूचना सिक्योरिटी विंग ने दी।
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पहले कम हुई थी, अब फिर से बढ़ने लगे
पीजीआई में कुछ साल पहले तक बंदरों की संख्या काफी अधिक थी। हर रोज बंदर उत्पात मचाते। कभी किसी का सामान उठा लेते तो कभी पेड़ों पर चढ़कर मरीजों को परेशान करते थे। बंदर से डाक्टर भी परेशान हो गए थे। वे डाक्टरों का फ्रिज खोलकर उससे खाने का सामान निकाल लेते थे।

समस्या बढ़ने पर पीजीआई ने लंगूर को रखना शुरू किया। बकायदा हर साल का कांट्रैक्ट होने लगा। उसके बाद पीजीआई ने लंगूरों को रखना शुरू कर दिया। ठेकेदार आता और लंगूर को पूरे पीजीआई में टहलाता। इससे बंदरों की संख्या में काफी कमी आई, लेकिन इस दौरान फिर से इनकी संख्या में इजाफा हो गया। अब वे फिर से पीजीआई में आने लगे हैं।
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