चंडीगढ़। चंडीगढ़ की पेरिफेरी में बढ़ते अवैध निर्माण, कृषि भूमि के व्यावसायिक इस्तेमाल और सुखना झील के कैचमेंट एरिया में गतिविधियों को लेकर प्रशासक की सलाहकार परिषद की पेरिफेरल एरिया डेवलपमेंट संबंधी स्थायी समिति के सदस्य एवं अधिवक्ता अजय जग्गा ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने समिति के चेयरमैन सुभाष चावला को पत्र लिखकर पेरिफेरी के गांवों में तैनात पुलिस बीट कर्मचारियों से हर सप्ताह नए निर्माण और खुदाई की रिपोर्ट लेने का सुझाव दिया है। साथ ही पूरे पेरिफेरल क्षेत्र की नियमित ड्रोन से निगरानी की मांग की।
जग्गा ने कहा कि गंभीर मुद्दे उठाने और प्रशासन को पत्र लिखने के बावजूद प्रमुख मामलों में ठोस कार्रवाई या एक्शन टेकन रिपोर्ट सामने नहीं आई है। समिति का काम केवल शिकायतों और बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
कैंबवाला में जांच की मांग
जग्गा ने कैंबवाला सहित अन्य क्षेत्रों के दौरे का हवाला देते हुए वन क्षेत्र में कथित छेड़छाड़, स्टील के खंभे लगाने और खनन जैसी गतिविधियों की जांच की मांग की। उन्होंने अवैध निर्माण हटाने और अगली बैठक में कार्रवाई रिपोर्ट रखने का सुझाव दिया।
कृषि भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियों की जांच हो
उन्होंने कृषि भूमि पर स्पोर्ट्स व कोचिंग अकादमियों की आड़ में कथित व्यावसायिक गतिविधियों और मैरिज पैलेस संचालन की जांच की मांग की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर गतिविधियां बंद कराने और ऐसे प्रतिष्ठानों के शराब लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
कैचमेंट क्षेत्र बचाना जरूरी
जग्गा ने कहा कि सुखना झील का संरक्षण आसपास के वन क्षेत्रों, जल निकासी और पेरिफेरी की सुरक्षा से जुड़ा है। ऊंची इमारतों और अधिक घनत्व वाले विकास की योजनाओं की समीक्षा में कैमलॉट परियोजना से जुड़े अदालती मामलों में प्रशासन के पूर्व रुख को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।