डाक विभाग ने मनीआर्डर सेवा बंद कर तकनीकी युग में ई-बैंकिंग का प्रचलन बढ़ने पर ईएमओ (इलेक्ट्रॉनिक मनीआर्डर) व आईएमओ (इंस्टेंट मनीआर्डर) सेवा को अपना लिया है।
डाक विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा व सहूलियत देने के लिए इसकी शुरुआत भी कर दी है। उपभोक्ता अब विद्युत गति से अपनों तक पैसे व शगुन पहुंचा सकेंगे। यही नहीं उपभोक्ता मनीआर्डर की गई राशि को किसी बैंक खाते में भी ट्रांसफर करा सकेंगे।
डाक विभाग ने उपभोक्ताओं को मनी ट्रांजेक्शन की बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मनीआर्डर व इंस्टेंट मनीआर्डर योजना की शुरुआत की है। इंस्टेंट मनीआर्डर के तहत उपभोक्ता एक हजार से 50 हजार रुपये तक मनीआर्डर कर सकेंगे। इसके लिए मनीआर्डर कर्ता व प्राप्तकर्ता दोनों को अपनी आईडी दिखानी होगी।
वहीं इलेक्ट्रॉनिक मनीआर्डर में उपभोक्ता एक रुपये से पांच हजार रुपये तक की राशि मनीआर्डर कर सकेंगे। इसके लिए मनीआर्डर कर्ता व प्राप्तकर्ता को किसी तरह की आईडी जमा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इंस्टेंट मनीआर्डर के तहत भेजी गई राशि को उपभोक्ता जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर सकेंगे।
1880 में हुई थी मनीआर्डर सेवा की शुरुआत
डाक विभाग ने 1880 में मनीआर्डर सेवा शुरू की थी जिसे देश के सभी 1.35 लाख डाकघरों में उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन समय बदलने के साथ ही विभाग की यह बरसों पुरानी योजना आधुनिक तकनीकी के आगे फीकी पड़ने लगी, जिसके चलते विभाग द्वारा इसे खुद ही बंद करना पड़ा। विभाग ने बैंकों की प्रतिस्पर्धा में मनीआर्डर का नवीनीकरण कर आईएमओ व ईएमओ का रूप दिया।
डाक विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अब मनीआर्डर की जगह पर इलेक्ट्रॉनिक मनीआर्डर व इंस्टेंट मनीआर्डर सेवा की शुरुआत की है जिससे उपभोक्ता विद्युत गति से देश में कहीं पर भी पैसे भेज सकेंगे। विभाग द्वारा अप्रैल से मनीआर्डर सेवा को बंद कर दिया गया है।
फूल सिंह, सहायक अधीक्षक, प्रधान डाकघर पानीपत