फरीदकोट जिला पुलिस ने बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी करने के आरोप में गिरफ्तार मोगा के गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह और उसके भाई जसविंदर सिंह को केस से डिस्चार्ज कर दिया है।
पुलिस के आग्रह पर सोमवार शाम ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतीश कुमार की अदालत ने दोनों को बिना शर्त रिहा करने के आदेश के बाद सोमवार देर शाम दोनों को मॉडर्न जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों को बीते 20 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने इसे बड़ी कामयाबी बताते हुए इस केस के तार विदेश से जुड़े होने का दावा भी किया था।
जानकारी के अनुसार डीएसपी सुखदेव सिंह बराड़ ने सोमवार शाम अदालत में याचिका दाखिल करते हुए दोनों भाइयों से पावन ग्रंथ की बेअदबी करने का आरोप वापस ले लिया। पुलिस ने कहा कि पड़ताल के दौरान फिलहाल उन्हें दोनों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया जाए।
अदालत ने रिहाई का आदेश करने से पहले इस केस के शिकायतकर्ता कुलविंदर सिंह का भी बयान दर्ज किया। कुलविंदर सिंह ने कहा कि उसे दोनों भाइयों को रिहा करने पर कोई एतराज नहीं है। अदालत के आदेश पर माडर्न जेल प्रशासन ने रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह को देर शाम करीब 8 बजे रिहा भी कर दिया।
गौरतलब है कि बीती 12 अक्तूबर को गांव बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी का मामला सामने आया था। इस घटना के संदर्भ में पुलिस ने थाना बाजाखाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
केस की पड़ताल के दौरान पुलिस ने 16-17 अक्तूबर की रात को गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह को हिरासत में ले लिया था।