मोहाली में पंजाब खुफिया विभाग के दफ्तर पर हमले की फाइल फोटो।
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खुफिया मुख्यालय पर नौ मई को हुए हमले में पंजाब पुलिस ने 13 में से सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस इस मामले में एक नाबालिग समेत सात आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि छह फरार हैं। आरोपी पर आईपीसी की धारा 307, 212, 216,120 बी, विस्फोटक और शस्त्र अधिनियम के तहत मामले चलेंगे।
पुलिस ने चार्जशीट में बताया है कि इसकी साजिश पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) ने पंजाब के स्थानीय गैंगस्टर के साथ रची थी। गैंगस्टर से आईएसआई की कठपुतली बने हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने हमले की जिम्मेदारी पिछले दिनों पकड़े गए नाबालिग और हरियाणा के गैंगस्टर दीपक सुरखपुर को सौंपी थी। इस हमले में पंजाब के गैंगस्टर लखविंदर सिंह लंडा ने भी सहयोग किया था। लंडा फिलहाल कनाडा में है, जबकि रिंदा पाकिस्तान में। दीपक सहित अन्य छह आरोपियों का ब्योरा चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है।
पुलिस ने चार्जशीट में सोमवार को तरनतारन के कुल्ला गांव के निशांत सिंह, मोहाली के सेक्टर 85 के जगदीप सिंह, अमृतसर के कंवरजीत सिंह (40), पट्टी के बलजिंदर सिंह रैंबो (41), अमृतसर की बलजीत कौर उर्फ सुखी (50) व अमृतसर के ही अनंत दीप सिंह (32) और लवप्रीत सिंह विक्की को आरोपी बनाया है। इन आरोपियों ने हमलावरों को साजो-सामान और टारगेट की निशानदेही करवाई थी। पुलिस ने इस हमले में इस्तेमाल की गई आरपीजी स्लीव, एक एके-47 राइफल, एक एसयूवी और एक हैचबैक सहित दो कारें भी बरामद की। पुलिस ने कहा कि बाकी आरोपियों के खिलाफ भी उसके पास भी पुख्ता सुबूत हैं।
हमले के बदले रिंदा ने नाबालिग को दिए थे लाखों रुपये
जांच में यह भी पता चला है कि आतंकी रिंदा ने इस केस में पकड़े गए नाबालिग को हमले के लिए लाखों रुपये दिए थे। नाबालिग पहले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता था। उसके बाद वह रिंदा के लिए काम करने लगा। रिंदा और लॉरेंस ने उसके हाथों से दो टारगेट किलिंग भी करवा चुके हैं।