पर्यावरण बचाने का संदेश लेकर मोहाली के एक युवक ने चंडीगढ़ से कश्मीर की 650 किलोमीटर का सफर साइकिल पर मात्र 58 घंटों में पूरा करके नया रिकॉर्ड बनाया है। यात्रा के दौरान वह जिस शहर से गुजरे, वहां के लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस सफर में वह किसी होटल या धर्मशाला में नहीं ठहरे बल्कि सड़क किनारे रात बिताई।
जी हां! बात हो रही फेज-3ए निवासी करमवीर सिंह की। मूलरूप से होशियारपुर के शहर दसूहा के रहने वाले करमवीर कैफे कॉफी डे में बतौर मैनेजर तैनात हैं। उनका अगली मंजिल भी पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी है। उनकी कोशिश है कि अगली बार वह कोई वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करें। उनका यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करमवीर सिंह ने बताया कि 2009 में उन्होंने होटल मैनेजमेंट में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। बाद में अच्छी जॉब न मिल पाने के चलते वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे।
उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इससे कैसे बाहर निकला जाए। इसी बीच उनके पिता जोगिंदर सिंह ने नसीहत दी कि खुद को फिट रखने के लिए साइकिल चलाए। इस पर वह रोजाना सुबह-शाम साइकिल चलाने लगे। फरवरी 2017 की एक सुबह उनकी लाइफ बदली। उन्हें कैफे कॉफी डे में बतौर मैनेजर नौकरी मिल गई। वह काफी खुश थे। उन्होंने यह बात अपने पिता से शेयर की तो पिता ने सुझाव दिया कि अब नौकरी अच्छी हो गई है तो ऐसे में कोई ऐसा लक्ष्य चुनो जिससे तुम समाज के काम आ सको।
इसके बाद वह साइकिल पर ही छोटे-छोटे ट्रिप लगाकर लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देते रहे। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कश्मीर की यात्रा का प्लान बनाया। सफर आसान नहीं था। राह में कई मुश्किलें आईं लेकिन उन्होंने 16 अक्तूबर से 19 अक्तूबर तक अपनी यात्रा पूरी की। यह यात्रा श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित है।