ऑर्बिट बस कांड में मारी गई नाबालिग की मां शनिवार को चंडीगढ़ में जस्टिस बाली आयोग के समक्ष पेश हुई और बयान से मुकर गई।
आयोग के समक्ष वह उस बयान की भी पुष्टि नहीं कर सकी जो घटना के बाद उसने पुलिस को दिया था। उसने घटना के दौरान मौके पर बेहोश होने की बात फिर दोहराई है।
पीड़ित महिला के पति सुखदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी छिंदर कौर, बेटे आकाशदीप सिंह के साथ चंडीगढ़ में आयोग के दफ्तर में पेश होकर अपना बयान भी दर्ज करवाया है।
आयोग ने महिला को शनिवार को पेश होने के लिए कहा था। थाना बाघापुराना की पुलिस पीड़ित महिला और उसके पारिवारिक सदस्यों को चंडीगढ़ लेकर गई थी।
सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने आयोग के आगे भी वही बयान दिया जो उसने नौ फरवरी को स्थानीय एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में दिया था। उसने कहा कि बस में टिकट को लेकर हुए झगड़े के बाद वह बेहोश हो गई थी।
छिंदर कौर मुख्य गवाह है और आयोग के समक्ष उसके बयान के साथ इस मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है। सूत्रों ने दावा किया कि आयोग अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को मार्च के पहले सप्ताह में सौंप सकता है।
दूसरी तरफ यहां एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में इस केस की अगली सुनवाई 25 मार्च को होनी है। इस तारीख पर नाबालिग के भाई आकाशदीप सिंह को अदालत में गवाही के लिए पेश होना है।